आपके 1 मिस्ड कॉल से इतनी होती है टेलीकॉम कंपनियों की कमाई

हम आए दिन एक-दूसरे को मिस्ड कॉल करते हैं और फिर सामने वाला हमें कॉल करता है। हमें लगता है कि चलो मेरा पैसा तो नहीं लगा और बात भी हो गई। देश में मोबाइल यूजर्स की संख्या 1 अरब से ज्यादा हो गई है। इनमें से अधिकतर मोबाइल यूजर्स ग्रामिण इलाके के हैं जो शहर में रह रहे अपने परिजनों से मिस्ड कॉल करके ही बात करते हैं। यहां यह भी कहना गलत नहीं होगा कि मिस्ड कॉल से देश के लोग आपस में आसानी से जुड़े भी हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मिस्ड कॉल से भी टेलीकॉम कंपनियों की कमाई होती है?
मिस्ड कॉल से कैसे होती है कमाई ?

आपने (MTC) का नाम शायद ही सुना होगा। इसका पूरा नाम मोबाइल टर्मिनेशन चार्ज होता है। यानी वह चार्ज जो एक कंपनी अपने नेटवर्क पर आने वाली दूसरी कंपनियों के इनकमिंग कॉल्स के लिए लेती हैं। टेलीकॉम कंपनियों को दूसरे ऑपरेटर के नेटवर्क से आने वाली हर इनकमिंग कॉल पर टर्मिनेशन या इंटरकनेक्शन चार्ज मिलता है। फिलहाल हर इनकमिंग कॉल पर 14 पैसे चार्ज लगता है।
एक रिपोर्ट की मानें तो देश के तमाम टेलीकॉम ऑपरेटरों ने अपने 50 फीसदी नेटवर्क देश के ग्रामिण इलाकों में स्थापित किए हैं और इनमें से 40 फीसदी नेटवर्क से टेलीकॉम कंपनियों की कमाई ना के बराबर होती है। अब सवाल उठता है कि अगर कंपनियों को घाटा हो रहा है तो वे इस पर खर्च क्यों कर रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण एमटीसी ही है जिससे कंपनियों की कमाई होती है। वहीं कई टेलीकॉम कंपनियां एमटीसी चार्ज को बढ़ाने की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि उनके नेटवर्क पर इनकमिंग कॉल्स को पूरा करने के लिए करीब 30 पैसे का खर्च आता है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में एमटीसी रिव्यू के लिए ट्राई के साथ हुई बैठक में आइडिया और एयरटेल ने जहां एमटीसी चार्ज को 30 पैसे प्रति मिनट करने की मांग की है, वहीं वोडाफोन ने इसे 34 पैसे करने की मांग की है। अगर ऐसा होता है तो इसका असर कॉल रेट्स पर भी पड़ेगा, क्योंकि टैरिफ प्लान भी एमटीसी के हिसाब से ही तय होते हैं।
एमटीसी कम होने पर यूजर्स को होगा नुकसान

मौजूदा एमटीसी 14 पैसा है, लेकिन अगर ट्राई इसे कम करने का आदेश देती है तो इससे यूजर्स को नुकसान होगा। ग्रामिण इलाकों में नेटवर्क कनेक्टिविटी प्रभावित होगी, क्योंकि टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि एमटीसी कम होने से उन्हें नुकसान होगा और नुकसान की स्थिति में कोई भी कंपनी निवेश करना क्यों चाहेगी। ऐसे में अनचाहे कॉल्स और मैसेज में भी वृद्धि होगी क्योंकि अपनी लागत निकालने के लिए कंपनियां ऐसा कर सकती हैं।