{"_id":"56e069344f1c1b32588b4576","slug":"solar-eclipse","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूर्यग्रहण के बाद दर्शन पूजन को उमड़े श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूर्यग्रहण के बाद दर्शन पूजन को उमड़े श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Wed, 09 Mar 2016 11:49 PM IST
विज्ञापन
सूर्यग्रहण के बाद मंदिर जाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूर्यग्रहण के मोक्ष पर बुधवार को भोर में सरयू स्नान व दान समेत मंदिरों में दर्शन-पूजन को भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। ग्रहण के पूर्व व पश्चात सरयू में स्नान-दान कर लोगों ने मंदिरों में दर्शन-पूजन किया।
सूर्यग्रहण के सूतक (छूत) से मंगलवार की शाम को ही नगरी के मठ-मंदिरों के कपाट बंद हो गए थे। बुधवार को सुबह पांच बजकर 15 मिनट सूर्यग्रहण का स्पर्श और ग्रहण का मोक्ष सुबह छह बजकर 45 मिनट पर हुआ। इसके बाद सरयू के स्नान घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ जुटने लगी थी।
ग्रहण के पश्चात स्नान किया और दान-पुण्य कर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रमुख मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए जुट गई। ग्रहण को लेकर भोर में ही खुलने वाले मंदिरों के कपाट बुधवार को साढ़े आठ बजे तक परिसर की साफ-सफाई व पूजन-अभिषेक के बाद खुले।
विज्ञापन
प्रमुख मंदिर हनुमानगढ़ी, कनक भवन, श्रीराम जन्मभूमि, नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ, श्रीकालेराम मंदिर, हनुमत सदन, हनुमत निवास, श्रीराम वल्लभाकुंज, तुलसीदास जी की छावनी, श्रीमणिराम दास जी की छावनी आदि के कपाट खुलते ही दर्शनार्थियों की भीड़ पूजन-अर्चन के लिए जुट गई।
विज्ञापन
सूर्यग्रहण के सूतक (छूत) से मंगलवार की शाम को ही नगरी के मठ-मंदिरों के कपाट बंद हो गए थे। बुधवार को सुबह पांच बजकर 15 मिनट सूर्यग्रहण का स्पर्श और ग्रहण का मोक्ष सुबह छह बजकर 45 मिनट पर हुआ। इसके बाद सरयू के स्नान घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ जुटने लगी थी।
विज्ञापन
ग्रहण के पश्चात स्नान किया और दान-पुण्य कर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रमुख मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए जुट गई। ग्रहण को लेकर भोर में ही खुलने वाले मंदिरों के कपाट बुधवार को साढ़े आठ बजे तक परिसर की साफ-सफाई व पूजन-अभिषेक के बाद खुले।
विज्ञापन
प्रमुख मंदिर हनुमानगढ़ी, कनक भवन, श्रीराम जन्मभूमि, नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ, श्रीकालेराम मंदिर, हनुमत सदन, हनुमत निवास, श्रीराम वल्लभाकुंज, तुलसीदास जी की छावनी, श्रीमणिराम दास जी की छावनी आदि के कपाट खुलते ही दर्शनार्थियों की भीड़ पूजन-अर्चन के लिए जुट गई।