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देशभक्ति दो दिन की नहीं रोज की है : वीके सिंह
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Fri, 18 Aug 2017 01:47 AM IST
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कौशाम्बी
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देशभक्ति दो दिन की नहीं है कि 15 अगस्त और 26 जनवरी पर्वों को मनाकर हम चुप हो जाएं। देशभक्ति पूरे 365 दिन दिल में रखें तभी भारत विश्वगुरु बनेगा। आज हम दुनिया के तमाम देशों से आगे निकल चुके हैं। महान क्रांतिकारी दुर्गा भाभी के गांव आकर मेरा सीना चौड़ा हो गया है। मैं गौरवान्वित हूं। उनको शत-शत नमन करता हूं, जिन्होंने देश की आजादी में इतना बड़ा योगदान दिया।
उक्त बातें विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने गुरुवार को शहजादपुर में कहीं। विदेश राज्यमंत्री सबसे पहले दुर्गा भाभी के घर गए। वहां उनको नमन करने के बाद स्मृति भवन का शिलान्यास किया। स्वागत समारोह के बाद उन्होंने कहा कि हमारा इतिहास गौरवशाली था। नर हो या नारी सबकी अहम भूमिका थी। इतिहास गवाह है वर्ष 1857 में अंग्रेजों से लगभग लड़ाई जीत चुके थे लेकिन हमें कामयाबी नहीं मिली। इससे सबक लेते हुुए अंग्रेजों ने हम पर राज करने के लिए फूट डालने की रणनीति अपनाई। बंटवारा कराया, जाति-धर्म, समुदाय में लड़वाया। उनकी कामयाबी का यही सबसे बड़ा कारण था। उससे सबक लेते हुए हमें सावधान रहने की जरूरत है। हमारी एकता ही सबसे बड़ी जीत है।
उन्होंने कहाकि भारत विश्वगुरु बनने की कगार पर है। सारे संसाधन होने के बावजूद आपदा आने पर प्रशासन व सिस्टम फेल हो जाता है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसा क्यों है। बोले, सेना बुलाई जाती है और समस्या का समाधान हो जाता है। सेना में आपके ही बीच से निकले लोग हैं। इस गांव के भी लोग सेना में होंगे, वे भलीभांति इसको जानते होंगे। कहकि सैनिक की नजर में देश सर्वोच्च होता है। जाति, धर्म सब गौण होते हैं। इसलिए वह कभी फेल नहीं होता। वह किसी के साथ भेदभाव नहीं करता। सैनिक इकट्ठा रहते हैं, एक परिवार की तरह।
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विदेश राज्यमंत्री ने कहाकि सांसद विनोद सोनकर ने दुर्गा भाभी की स्मारक बनवाने का जो फैसला लिया है वह बेहद ही सराहनीय है। देश की आजादी में उनका बहुत बड़ा योगदान है। दुर्गा भाभी के बारे में पूरे देश को जानना चाहिए। इस मौके पर पूर्व सैनिकों को विदेश राज्यमंत्री ने सम्मानित भी किया। विदेश राज्यमंत्री के साथ प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर भी रहे। कार्यक्रम में चायल विधायक संजय गुप्ता, लाल बहादुर, शीतला प्रसाद पटेल, संतोष सिंह पटेल, आद्या पांडेय, राजेंद्र पांडेय, सोमेश्वर तिवारी, गुलाब कुशवाहा, अनीता त्रिपाठी, सुनीता त्रिपाठी, दीपचंद्र पंडा, अजय पांडेय, कमलेश सोनकर, अजय त्रिपाठी आदि लोग रहे।
दुर्गा भाभी को अब जानेगा बच्चा-बच्चा
क्रांतिकारी दुर्गा भाभी को जिले का बच्चा-बच्चा जानेगा। सांसद विनोद सोनकर ने दुर्गा भाभी के गांव शहजादपुर का कायाकल्प करने के लिए प्रस्ताव तैयार कराया है। पहले फेज में दुर्गा भाभी का स्मारक बन रहा है। इसमें करीब 30 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके बाद यहां एक भवन बनेगा जहां दुर्गा भाभी से संबंधित किताबें होंगी ताकि युवा पीढ़ी उनके बारे में जान सके। इसके अलावा गांव के बाहर बोर्ड आदि भी लगवाए जाएंगे।
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उक्त बातें विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने गुरुवार को शहजादपुर में कहीं। विदेश राज्यमंत्री सबसे पहले दुर्गा भाभी के घर गए। वहां उनको नमन करने के बाद स्मृति भवन का शिलान्यास किया। स्वागत समारोह के बाद उन्होंने कहा कि हमारा इतिहास गौरवशाली था। नर हो या नारी सबकी अहम भूमिका थी। इतिहास गवाह है वर्ष 1857 में अंग्रेजों से लगभग लड़ाई जीत चुके थे लेकिन हमें कामयाबी नहीं मिली। इससे सबक लेते हुुए अंग्रेजों ने हम पर राज करने के लिए फूट डालने की रणनीति अपनाई। बंटवारा कराया, जाति-धर्म, समुदाय में लड़वाया। उनकी कामयाबी का यही सबसे बड़ा कारण था। उससे सबक लेते हुए हमें सावधान रहने की जरूरत है। हमारी एकता ही सबसे बड़ी जीत है।
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उन्होंने कहाकि भारत विश्वगुरु बनने की कगार पर है। सारे संसाधन होने के बावजूद आपदा आने पर प्रशासन व सिस्टम फेल हो जाता है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसा क्यों है। बोले, सेना बुलाई जाती है और समस्या का समाधान हो जाता है। सेना में आपके ही बीच से निकले लोग हैं। इस गांव के भी लोग सेना में होंगे, वे भलीभांति इसको जानते होंगे। कहकि सैनिक की नजर में देश सर्वोच्च होता है। जाति, धर्म सब गौण होते हैं। इसलिए वह कभी फेल नहीं होता। वह किसी के साथ भेदभाव नहीं करता। सैनिक इकट्ठा रहते हैं, एक परिवार की तरह।
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विदेश राज्यमंत्री ने कहाकि सांसद विनोद सोनकर ने दुर्गा भाभी की स्मारक बनवाने का जो फैसला लिया है वह बेहद ही सराहनीय है। देश की आजादी में उनका बहुत बड़ा योगदान है। दुर्गा भाभी के बारे में पूरे देश को जानना चाहिए। इस मौके पर पूर्व सैनिकों को विदेश राज्यमंत्री ने सम्मानित भी किया। विदेश राज्यमंत्री के साथ प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर भी रहे। कार्यक्रम में चायल विधायक संजय गुप्ता, लाल बहादुर, शीतला प्रसाद पटेल, संतोष सिंह पटेल, आद्या पांडेय, राजेंद्र पांडेय, सोमेश्वर तिवारी, गुलाब कुशवाहा, अनीता त्रिपाठी, सुनीता त्रिपाठी, दीपचंद्र पंडा, अजय पांडेय, कमलेश सोनकर, अजय त्रिपाठी आदि लोग रहे।
दुर्गा भाभी को अब जानेगा बच्चा-बच्चा
क्रांतिकारी दुर्गा भाभी को जिले का बच्चा-बच्चा जानेगा। सांसद विनोद सोनकर ने दुर्गा भाभी के गांव शहजादपुर का कायाकल्प करने के लिए प्रस्ताव तैयार कराया है। पहले फेज में दुर्गा भाभी का स्मारक बन रहा है। इसमें करीब 30 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके बाद यहां एक भवन बनेगा जहां दुर्गा भाभी से संबंधित किताबें होंगी ताकि युवा पीढ़ी उनके बारे में जान सके। इसके अलावा गांव के बाहर बोर्ड आदि भी लगवाए जाएंगे।