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FIFA अंडर-17 वर्ल्ड कप: भारतीय कोच ने कहा, ऐसा करने पर ही बन जाएंगे चैंपियन
amarujala.com- Presented by: अभिषेक निगम
Updated Sat, 30 Sep 2017 06:32 PM IST
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नार्टन
- फोटो : catchnews
भारत की पहली बार फीफा अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट में शिरकत करने जा रही टीम का दुनिया के सबसे बड़े मंच पर पहला इम्तिहान यहां जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में 6 अक्टूबर को मजबूत अमेरिका के खिलाफ होगा।
भारत की अंडर-17 फुटबॉल टीम के पुर्तगाली हेड कोच लुइस नार्टन मैटोज चाहते उनके नौजवान शागिर्द फुटबॉल के इस बड़े मंच पर खेलने उतरने के हर क्षण का पूरा लुत्फ उठाए। भारत की अंडर-17 टीम दिल्ली से सटे गुरुग्राम के कोंशिएंट फुटबॉल अकैडमी के उसी मैदान पर मैटोज के मार्गदर्शन में पसीना बहा रही है जहां कोलंबिया की टीम भी खुद को फुटबॉल के इस बड़े मंच के लिए तैयार करने में जुटी है।
उन्होंने कहा, ‘मेरा यकीन आजादी और जिम्मेदारी में है। फुटबॉल में फैसले लेने की क्षमता के साथ मैदान पर खेलने उतर कर इसका पूरा लुत्फ उठाना भी अहम है। भारत की अंडर-17 फुटबॉल टीम का स्तर खासा उंचा है और मैं चाहता हूं कि वे फीफा अंडर-17 फुटबॉल विश्व कप टूर्नामेंट में मैदान पर उतर हर मैच का पूरा आनंद उठाएं। साथ ही मैदान पर पूरी शिद्दत के साथ खेल कर दुनिया को यह दिखाना चाहते हैं कि हम उनसे कहीं कम नहीं है। हमारे पास गंवाने को कुछ नहीं है, बस पाने पाने को है। यदि हम दुनिया को यह दिखा पाए कि हम उनके बराबर हैं तो यही हमारी जीत होगी।’
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भारत की टीम फीफा अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल में ग्रुप ए में अमेरिका, कोलंबिया और घाना के साथ है। संयोग से कोलंबिया की टीम सबसे पहले फुटबॉल के इस ‘कुंभ’ में शिरकत करने के लिए सबसे पहले भारत पहुंची। मैटोज ने कहा, ‘बहुत सी चीजे नियति तय करती है। मेरा मानना है कि मेरा भारत भी आना नियति ने ही तय किया । मेरे पड़बाबा का जन्म भारत में हुआ। मैं पुर्तगाल में भारत की बाबत बहुत कुछ सुनता रहा हूं। यहां आना वाकई एक खास अहसास है।’
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भारत की अंडर-17 फुटबॉल टीम के पुर्तगाली हेड कोच लुइस नार्टन मैटोज चाहते उनके नौजवान शागिर्द फुटबॉल के इस बड़े मंच पर खेलने उतरने के हर क्षण का पूरा लुत्फ उठाए। भारत की अंडर-17 टीम दिल्ली से सटे गुरुग्राम के कोंशिएंट फुटबॉल अकैडमी के उसी मैदान पर मैटोज के मार्गदर्शन में पसीना बहा रही है जहां कोलंबिया की टीम भी खुद को फुटबॉल के इस बड़े मंच के लिए तैयार करने में जुटी है।
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उन्होंने कहा, ‘मेरा यकीन आजादी और जिम्मेदारी में है। फुटबॉल में फैसले लेने की क्षमता के साथ मैदान पर खेलने उतर कर इसका पूरा लुत्फ उठाना भी अहम है। भारत की अंडर-17 फुटबॉल टीम का स्तर खासा उंचा है और मैं चाहता हूं कि वे फीफा अंडर-17 फुटबॉल विश्व कप टूर्नामेंट में मैदान पर उतर हर मैच का पूरा आनंद उठाएं। साथ ही मैदान पर पूरी शिद्दत के साथ खेल कर दुनिया को यह दिखाना चाहते हैं कि हम उनसे कहीं कम नहीं है। हमारे पास गंवाने को कुछ नहीं है, बस पाने पाने को है। यदि हम दुनिया को यह दिखा पाए कि हम उनके बराबर हैं तो यही हमारी जीत होगी।’
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भारत की टीम फीफा अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल में ग्रुप ए में अमेरिका, कोलंबिया और घाना के साथ है। संयोग से कोलंबिया की टीम सबसे पहले फुटबॉल के इस ‘कुंभ’ में शिरकत करने के लिए सबसे पहले भारत पहुंची। मैटोज ने कहा, ‘बहुत सी चीजे नियति तय करती है। मेरा मानना है कि मेरा भारत भी आना नियति ने ही तय किया । मेरे पड़बाबा का जन्म भारत में हुआ। मैं पुर्तगाल में भारत की बाबत बहुत कुछ सुनता रहा हूं। यहां आना वाकई एक खास अहसास है।’