गर्मी बढ़ते ही कमजोर पड़ा इस फ्लू का वायरस, फिर भी बरतें एहतियात
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हिमाचल में गर्मी बढ़ने के साथ ही स्वाइन फ्लू का वायरस कमजोर पड़ गया है। लोगों को अब इससे ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, फिर भी वे एहतियात बरतें। डेढ़ सप्ताह पूरी तरह से गर्मी का नहीं आना स्वाइन फ्लू के एच 1 एन 1 वायरस के फैलने का कारण रहा है।
स्वाइन फ्लू के एच1 एन1 वायरस की चपेट में आने से इस साल चार लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक इस फ्लू के बड़ी संख्या में पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। चौंकाने वाली बात करीब डेढ़ सप्ताह पहले उस वक्त सामने आई, जब लगातार लोग इस फ्लू की चपेट में आने लगे। माना जा रहा है कि मौसम में रही हल्की ठंडक इस फ्लू के वायरस के सक्रिय होने का कारण था।
निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. बलदेव कुमार ने बताया है कि गर्मी बढ़ने के साथ स्वाइन फ्लू का वायरस अब निष्क्रिय होने लगा है। प्रदेश के लोगों के लिए ये राहत की बात है। वैसे भी ये वायरस अब हिमाचल में बड़ी महामारी की तरह नहीं रह गया है। इक्का-दुक्का मामले सामने आ गए हैं। इस बारे में एहतियात बरतें।
स्ट्रेन बदलने का खतरा टला, प्रयोगशालाओं में नहीं हुई पुष्टि
वर्ष 2009 में दुनिया के अन्य देशों की तरह भारत के हिमाचल समेत तमाम राज्यों में प्रवेश करने वाला स्वाइन फ्लू का वायरस ने अपने आक्रमण का वक्त बेशक कुछ बदला हो, मगर एच1 एन1 वायरस का स्ट्रेन बदलने का खतरा टल गया है। स्वास्थ्य महकमे के सूत्रों ने बताया कि इसके बदलने की बात प्रयोगशालाओं में पुष्ट नहीं हो पाई है।
हालांकि, अभी छानबीन जारी है। चिकित्सकों को आशंका थी कि जिस तरह से हिमाचल में आम तौर पर जनवरी से लेकर मार्च महीने के बीच सक्रिय रहने वाले एच1 एन1 वायरस ने अपना समय बदला है और ये मई महीने में लोगों पर हमले कर रहा है। ऐसे में इसका कहीं स्ट्रेन ही न बदल गया हो गया हो।