फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Substandard Medicines in Himachal 24 sample failed

मानकों पर खरा नहीं उतरीं प्रदेश में निर्मित दवाएं, 24 सैंपल फेल

Wed, 19 Apr 2017 08:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बद्दी (सोलन)
ब्यूरो/अमर उजाला, बद्दी (सोलन) Updated Wed, 19 Apr 2017 08:54 AM IST
विज्ञापन
Substandard Medicines in Himachal 24 sample failed

हिमाचल प्रदेश फार्मा जगत में मशहूर है लेकिन यहां के उद्योगों में निर्मित होने वाली कई दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतर पा रहीं। दवाएं फेल होने के कई फैक्टर सामने आ रहे हैं। हर माह सीडीएससीओ ड्रग अलर्ट जारी करते हुए अपनी वेबसाइट पर सब स्टैंडर्ड दवाओं की सूची जारी करता है। जनवरी से मार्च माह तक तीन ड्रग अलर्ट जारी हुए हैं। इसमें  देशभर की 91 दवाएं केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की जांच में सब स्टैंडर्ड पाई गई हैं। 

विज्ञापन


इनमें हिमाचल के उद्योगों में बनीं 24 दवाएं भी शामिल हैं। यह दवाएं औद्योगिक हब बीबीएन, पावंटा साहिब, काला अंब, संसारपुर टैरेस के उद्योग की बनी हुई हैं। सीडीएससीओ के ताजा अलर्ट के बाद हरकत में आते हुए राज्य दवा नियंत्रक ने हिमाचल की फार्मा कंपनियों को नोटिस जारी कर पूरा बैच बाजार से हटाने के आदेश जारी किए हैं। 
विज्ञापन


सीडीएससीओ की ओर से करवाई जांच में प्रदेश के 17 नामी दवा उद्योगों में निर्मित दवाओं के अलावा उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, चेन्नई, पश्चिम बंगाल और नोएडा में बनी दवाओं के सैंपल लिए थे। सीडीएससीओ ने यह सैंपल सब जोन बद्दी, कोलकाता, जम्मू, गाजियाबाद, चेन्नई, इंदौर, मुंबई और ड्रग डिपार्टमेंट असम की ओर से लिए थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इनकी मुंबई, गुवाहाटी, कोलकाता, चंडीगढ़ की औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं में जांच करवाई गए। राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाहा ने कहा कि दवाओं की जांच में कई फैक्टर काउंट करते हैं। प्राधिकरण समय-समय पर उद्योगों में जांच पड़ताल करता है और ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई भी करता है।

हर माह यह दवाएं हुईं फेल
जनवरी में देशभर में 14 दवाओं में हिमाचल की 4, फरवरी में देशभर के उद्योगों की 17 में से हिमाचल की 3 और मार्च में देशभर की 60 दवाओं में से हिमाचल के उद्योगों की 17 दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतरीं। सीडीएससीओ के मार्च माह के ड्रग अलर्ट में नामी फार्मा कंपनियों की 60 तरह की दवाएं शामिल हैं। 

इनमें पेनकिलर, गैस्ट्रिक, बुखार, एंजाइम, मलेरिया, दमा, संक्रमण, बीपी, फूड सप्लीमेंट, एंटीबायोटिक दवाएं सब स्टैंडर्ड पाई गई हैं। इससे पूर्व सिरदर्द और बुखार की दवाओं के सैंपल भी फेल हुए थे। इनमें पैरासिटामोल और आईब्रूफिन को ड्रग अथॉरिटी ने नॉट ऑफ स्टैंडर्ड डिक्लीयर किया था। 

तापमान के अनुरूप दवाएं मानकों पर नहीं उतरतीं खरा  
हिमाचल की जलवायु और ह्यूमिडिटी सहित अन्य कई फैक्टर दवाओं के मानकों को पूरा नहीं कर पाते हैं। दवा को जितने कम तापमान में रखना है, उद्योग बेशक उसे तैयार करते हैं लेकिन जब वह दूसरे प्रदेशों में जाती हैं तो वहां के तापमान के अनुरूप दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतरतीं। दवा नियंत्रक के मुताबिक जो दवाएं हिमाचल की शामिल हैं, उसमें कई वेरिएशन है। 


इसमें तापमान और ह्यूमिडिटी सहित अन्य कारण शामिल हैं। इसके लिए डिस्ट्रीब्यूटरों को भी दवाओं के तापमान को उसी के अनुरूप बनाए रखने की आवश्यकता है। स्टेट ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाहा ने कहा कि जिन दवाओं में समस्याएं आ रही हैं वह बनने के बाद तापमान और आर्द्रता सहित कई अन्य कारणों से सब स्टैंडर्ड हो रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed