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धूमल बोले, गुड़िया के आरोपियों को बचा रही सरकार, CBI करे गहन जांच

Wed, 19 Jul 2017 09:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर Updated Wed, 19 Jul 2017 09:26 AM IST
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Prem Kumar Dhumal statement on kotkhai gangrape and murder case.

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आवश्यकता के बजाय राजनीतिक कारणों के चलते प्रदेश में स्कूल खोले हैं। शिमला के कोटखाई प्रकरण ने सच्चाई को उजागर कर दिया है कि मुख्यमंत्री के गृह जिला में ही बच्चे घर से पांच किलोमीटर दूर स्कूल पहुंच रहे हैं।

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धूमल ने कहा कि सरकार और पुलिस दुराचार और हत्या मामले में मुख्य आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। दिल्ली सीबीआई की टीम को मुख्यमंत्री के फेसबुक पोस्ट पर अपलोड किए गए चार संदिग्धों की भी गहन जांच करनी चाहिए।
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हमीरपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार जानमाल और देवभूमि के सम्मान की रक्षा करने में असफल रही है। पहले मंत्रिमंडल के भीतर सरकार के मंत्री एक-दूसरे के विभागों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते थे और मुख्यमंत्री खुद समझौता करवाते रहे।
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लेकिन अब सरकार और संगठन के बीच की लड़ाई के बाद प्रधान सचिव स्तर के अधिकारियों ने मंत्रियों के आदेशों को मानने से इंकार कर दिया है। मौके पर जिला अध्यक्ष अनिल ठाकुर, महामंत्री राकेश पठानिया, कोषाध्यक्ष तेज प्रकाश चोपड़ा, मीडिया प्रभारी अंकुश दत्त और दीपक शर्मा भी मौजूद रहे।

केसीसी बैंक में भ्रष्टाचार की होगी जांच : धूमल
धूमल ने आरोप लगाया कि कांगड़ा बैंक में भर्ती और ऋण आवंटन में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है। चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए आईबीपीएस के बजाय शिक्षा बोर्ड से भर्तियां करवाई जा रही हैं। नोटबंदी के बाद केसीसी बैंक में कई बैंक खाते खुले हैं।

भाजपा के सत्ता में आने के बाद केसीसी बैंक में हुए भ्रष्टाचार की पूरी जांच कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यही हाल नेशनल हाइवे और लोनिवि का है। ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी पैसों की बर्बादी की जा रही है।


दुर्घटना संभावित क्षेत्रों के बजाय जहां पर आवश्यकता नहीं, वहां पर पैरापिट्स, बेरिकेट्स और डंगे लगाए जा रहे हैं। समय आने पर विभाग के अधिकारियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

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