पीएम मोदी पर निगाहें, हिमाचल को आज मिल सकती है सौगात
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प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी का राजधानी शिमला का पहला दौरा राज्य के साथ सियासी लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सबसे अहम यह रहेगा कि मोदी खुद को हिमाचल की जनभावनाओं से किस तरह कनेक्ट करते हैं। पीएम से प्रदेश सरकार लंबे समय से विशेष आर्थिक पैकेज मांग रही है।
वे पर्यटन क्षेत्र में नए टूरिस्ट सर्किट बनाए जाने पर भी घोषणा हो सकती है। विदेशी सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने की सेब बागवानों की लंबित मांग से लेकर सेना भर्ती में राज्य का कोटा बढ़ाने और भर्ती में पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को विशेष रियायत की बात रख खुद को युवाओं से जोड़ सकते हैं।
सीएम वीरभद्र सिंह की ओर से लगातार केंद्र से मिलने वाली फंडिंग पर उठाए सवालों का जवाब भी मोदी रैली से मिल सकता है। मोदी के पिटारे से जो भी निकलेगा, उससे प्रदेश सरकार की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। पीएम मोदी का विधानसभा चुनाव से लगभग 6 माह पूर्व हिमाचल आना भाजपा को सियासी बढ़त दिलाने में मददगार माना जा रहा है।
सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने पर भी निगाहें
विस चुनाव से पहले नगर निगम शिमला के चुनाव पार्टी के लिए लिटमस टेस्ट से कम नहीं है। यूं तो पीएम उड़ान प्रोजेक्ट की शुरुआत करने आ रहे हैं, लेकिन जानकारों का मानना है कि वे कई बड़ी घोषणाएं भी कर सकते हैं। राज्य को विशेष पैकेज देने की संभावनाओं से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
लोकसभा चुनाव के दौरान प्रदेश में हुई रैलियों में पीएम ने सेब की पैदावार बढ़ाने को विशेष नीति बनाने का जो वादा किया था, वह आज भी अधूरा है। विदेशी सेब से मिल रही चुनौती को देखते हुए स्थानीय किसान आयात शुल्क बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कुछ समय पूर्व पीएम ने मंडी दौरे के दौरान भी बागवानी को प्रोत्साहित करने के लिए देश में बनने वाले शीतल पेय में प्रदेश के सेब और अन्य फलों की खरीद 10 प्रतिशत करने की बात कही थी।
चुनाव से ठीक पहले बागबान पीएम से उम्मीद लगाए हैं कि आयात शुल्क बढ़ेगा। हालांकि, वर्ल्ड ट्रेड एग्रीमेंट के तहत ऐसा करना केंद्र के लिए आसान नहीं रहेगा। हिमाचल में नए टूरिस्ट सर्किट बनाने के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीएम से उम्मीद है। पर्यटन को रोजगार के जोड़कर पलायन की समस्या कम करने को पीएम नई घोषणा कर सकते हैं।
पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की तरह विशेष औद्योगिक पैकेज जैसी घोषणाओं की उम्मीद भी लगाई जाएगी। जानकार मान रहे हैं कि विधानसभा चुनाव के लिहाज से पीएम का दौरा भाजपा के सियासी तरकश को मजबूत बनाने वाला साबित हो सकता है। इससे निकलने वाले प्रचार अस्त्रों की काट निकालने में कांग्रेस नेतृत्व को नए सिरे से ब्यूह रचना पड़ेगा।
केंद्र की उपलब्धियां से करेंगे कनेक्ट
प्रधानमंत्री से सरकार को विशेष पैकेज के साथ हिमाचल को विशेष राज्य के दर्जे के तहत केंद्र से फंडिंग में बढ़ोतरी की उम्मीद है। मोदी इस दौरान अपनी उपलब्धियों से जनता को जोड़ने का प्रयास करेंगे। नोटबंदी के फैसले की चुनौतियों से लेकर पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक और वन रैंक, वन पेंशन से प्रदेश के फौजी वोट बैंक को पीएम साध सकते हैं।
उज्ज्वला योजना से प्रदेश के ग्रामीण इलाकों तक रसोई गैस पहुंचाने की उपलब्धि से महिलाओं से जुड़ सकते हैं। इसके अलावा नीति आयोग में बदलाव कर प्रदेश को केंद्र से मिलने वाले फंड में किए इजाफे की बात रख प्रधानमंत्री सेंटर-स्टेट फंडिंग को लेकर लगने वाले आरोपों को खारिज कर सकते हैं।