भोरंज उपचुनाव: भाजपा ने पूर्व शिक्षा मंत्री के बेटे पर खेला दांव, जानें उनकी खास बातें
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प्रदेश भाजपा ने हमीरपुर जिला के विधानसभा क्षेत्र भोरंज में होने जा रहे उपचुनाव में डा. अनिल धीमान पर दांव खेलते हुए टिकट की घोषणा कर दी है। डा. अनिल धीमान भोरंज के रहने वाले हैं और पूर्व शिक्षा मंत्री रहे ईश्वर दास धीमान के पुत्र हैं।
उपचुनाव टिकटार्थियों की सूची में डा. अनिल धीमान के अलावा, प्रदेश सचिव कमलेश कुमारी, जिला परिषद सदस्य पवन कुमार और राज कुमार समेत कुल चार नाम शामिल थे। लेकिन शुक्रवार देर शाम को संसदीय बोर्ड ने डा. धीमान के नाम पर मुहर लगा दी थी।
जिसके बाद शनिवार सुबह संसदीय क्षेत्र के प्रभारी एवं श्रीनैनादेवी विस क्षेत्र के विधायक रणधीर शर्मा ने भोरंज पहुंचकर उनके नाम की औपचारिक घोषणा कर दी। भारत के निर्वाचन आयोग ने 09 मार्च को भोरंज में उपचुनाव की घोषणा की थी।
इसके बाद जिला हमीरपुर में आचार संहिता लागू हुई। निर्वाचन आयोग ने चुनाव का शेडयूल तय करते हुए 14 मार्च से 21 मार्च तक नामांकन भरने की तिथि तय की, जबकि 22 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की तिथि निर्धारित की।
24 मार्च को नामांकन पत्र वापस लिए जा सकते हैं। वहीं 09 अप्रैल को भोरंज में मतदान होगा और 13 अप्रैल को मतों की गिनती होगी। भोरंज से छह बार विधायक रहे आईडी धीमान का 15 नवंबर को निधन होने के बाद यह सीट खाली चल रही थी।
आप भी जानिए आखिर कौन है डा. अनिल धीमान
डा. अनिल धीमान भोरंज से बीजेपी के छह बार विधायक रहे एवं शिक्षा मंत्री रहे आईडी धीमान के पुत्र हैं। वह पेशे से चिकित्सक हैं। विभिन्न अस्पतालों में सेवाएं देते हुए वह प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में उपनिदेशक के पद पर सेवारत रहे।
लेकिन इस बीच उन्होंने नवंबर माह में ऐच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए विभाग में आवेदन कर दिया। जिसके बाद एक दिसंबर 2016 को प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें सेवानिवृत्त कर दिया। वहीं पार्टी संगठन ने भी दिसंबर माह में ही भोरंज में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें पार्टी की सदस्यता प्रदान की।
वर्ष 1990 से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
पूर्व शिक्षा मंत्री रहे आईडी धीमान का राजनीतिक सफर वर्ष 1990 से शुरू हुआ। वह पेशे से एक शिक्षक रहे और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के गुरु भी रहे। आईडी धीमान ने पहला चुनाव वर्ष 1990 में लड़ा। इसमें उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी धर्मसिंह को हराया।
वर्ष 1993 में धीमान ने कांग्रेस प्रतयाशी नीरज कुमार, वर्ष 1998 में प्रेम कौशल, वर्ष 2003 में सुरेश कुमार, वर्ष 2008 में दोबारा सुरेश कुमार और वर्ष 2012 में कांग्रेस प्रत्याशी डा. रमेश डोगरा को हराया था।