जो नहीं था गवारा, 6 दिन में वही शख्स बन गया भाजपा की आंखों का तारा
छह दिन पहले तक जो बागी प्रत्याशी भाजपा को गवारा नहीं था वही अब पार्टी में सबका प्यारा बन गया। नगर निगम शिमला के चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद भाजपा को इस शख्स की जरुरत पड़ गई। पंथाघाटी वार्ड से आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीते राकेश कुमार शर्मा भाजपा की आंखों का तारा बन गए।
नगर निगम चुनाव में राकेश शर्मा पंथाघाटी वार्ड से टिकट की मांग कर रहे थे। लेकिन पार्टी की तरफ से उन्हें टिकट नहीं मिला। नाराज राकेश आजाद उम्मीदवार के तौर पर ही मैदान में उतर गए।
पहले तो पार्टी ने उन्हें समझाने बुझाने की कोशिश की। जब वह नहीं मानें तो उनके खिलाफ कड़ा फैसला ले लिया। मतदान से चंद दिन पहले 11 जून को भाजपा ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।
पार्टी ने मोहित ठाकुर को वार्ड से अपना प्रत्याशी बनाया था। राकेश शर्मा ने न सिर्फ भाजपा उम्मीदवार से ज्यादा वोट हासिल किए बल्कि 45 मतों से सीट पर भी कब्जा जमा लिया।
जादुई आंकड़ा नहीं छू पाई भाजपा तो आई बागी की याद
चुनाव नतीजे आने के बाद भाजपा के खाते में 17 सीटें गई जबकि बहुमत के लिए पार्टी को 18 सीटों का जादुई आंकड़ा चाहिए था। ऐसे में पार्टी को सबसे पहले इस बागी प्रत्याशी की याद आई। रिजल्ट आने के तुरंत बाद ही भाजपा ने उनसे संपर्क किया और बधाई दी। साथ ही कई भाजपा नेता खुद राकेश के घर पहुंचे। शनिवार देर शाम राकेश पार्टी दफ्तर पहुंचे।
पार्टी ने पलकों पर बिठाया, डिप्टी मेयर तक बनाने के आसार
पार्टी दफ्तर पहुंचते ही राकेश का भाजपा नेताओं ने स्वागत किया और पुराने गिले शिकवे भूलाकर उन्हें गले लगाया। दफ्तर में राकेश इस कद्र छाए रहे कि बाकी नवनिर्वाचित पार्षद जहां भाजपा नेता प्रेम कुमार धूमल के पीछे खड़े रहे वहीं राकेश को धूमल के बगल में बिठाया गया।
संभावना जताई जा रही है कि राकेश को पार्टी में वापस लेने के साथ साथ उन्हें डिप्टी मेयर का पद भी दिया जा सकता है। राकेश शर्मा ने कहा कि वह पार्टी के कार्यकर्ता रहे हैं और उनका समर्थन हमेशा भाजपा को ही रहेगा। पार्टी उन्हें जो भी पद और जिम्मेदारी देगी, उन्हें स्वीकार होगी।