गुड़िया केस: रिपोर्ट में खुलासा, लॉकअप में एक नहीं, तीन वजहों से हुई आरोपी सूरज की मौत
कोटखाई में दसवीं की छात्रा से रेप के बाद हत्या मामले के आरोपी सूरज की मौत एक नहीं बल्कि तीन वजहों के कारण हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार पुलिस कस्टडी में मौत सिर पर चोट लगने, गला दबाने और प्राइवेट पार्ट पर वार से हुई है।
आईजीएमसी शिमला में शुक्रवार को जज की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा के बीच हुए सूरज के पोस्टमार्टम में यह खुलासा हुआ है। अस्पताल प्रबंधन ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट की एक कॉपी और फोटोग्राफ पुलिस को सौंप दिए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सूरज से हिरासत में जमकर मारपीट की बात सामने आई है। लॉकअप में उसका गला भी दबाया गया। सूरज के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं।
बताया जा रहा है कि हाथापाई के दौरान हमलावर ने उसे दीवार या फिर जमीन पर सिर के बल पटका है। प्राइवेट पार्ट पर वार की बात भी पोस्टमार्टम में सामने आई है। हालांकि, सूरज पर हमले में किसी हथियार के इस्तेमाल की बात सामने नहीं आई है।
अब ये निकली गुड़िया-सूरज हत्याकांड की पुलिसिया कहानी
गुड़िया और फिर रेप आरोपी सूरज के कत्ल की असल कहानी अभी तक रहस्य है। लेकिन पुलिस ने अपनी कथित तफतीश के बाद जो कहानी बताई वो भी कम दिलचस्प नहीं। इस कहानी में कितना दम और कितनी सच्चाई है ये तो सीबीआई जांच के बाद ही पता चलेगा। लेकिन फिलहाल पुलिस की इस उलझी हुई कहानी को सिलसिले वार जोड़ कर हम आप तक पहुंचा रहे हैं।
कैसे हुआ सूरज का कत्ल
पुलिस के मुताबिक लॉकअप में सूरज का कत्ल राजू ने ही किया था। पुलिस की मानें तो सभी चार आरोपियों ने न सिर्फ जुर्म कबूल किया है बल्कि एक-एक कर वारदात वाली जगह को वेरिफाई भी किया है।
राजू को भी स्पॉट की निशानदेही के लिए ले जाया जाना था लेकिन उसके बाकी साथियों द्वारा वारदात वाली जगह की निशानदेही से वह भड़क गया और लॉकअप में ही सूरज पर टूट पड़ा। उसने पहले सूरज के प्राइवेट पार्ट पर लात मारी फिर उसका सिर दीवार पर कई बार पटका। राजू ने उसका गला भी दबाया।
पुलिस ने कत्ल की वजह राजू की बौखलाहट को बताया है। अपनी जांच के एंगल में पुलिस ने दावा किया है कि इसी आधार पर राजू के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। लेकिन पुलिस की मानें तो सूरज के कत्ल से पहले राजू को छोड़ सभी चार आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था।
घटना वाली शाम आरोपी दीपक, सुभाष, छोटू और सूरज को दो अलग अलग गाड़ियों में हलाईला के जंगल में ले जाया गया। वहां पर इन चार आरोपियों को अलग-अलग ले जाकर दुराचार और कत्ल की जगह के बारे में पूछा गया। चारों आरोपियों ने एक ही जगह को वेरिफाई कर दिया। इनकों थाने में ले जाने के बाद लॉकअप में बंद कर दिया।
इसके बाद मुख्य आरोपी राजू को स्पॉट की निशानदेही के लिए ले जाया जाना था। इस बीच लॉकअप में ताला लगा दिया गया और चाबी एचएचओ के सपुर्द की गई। इससे पहले की पुलिस राजू को वारदात स्थल पर ले जाती वह लॉकअप में सूरज पर यह कहते हुए भड़क गया कि स्पॉट की निशानदेही करवाने की क्या जरूरत थी।
इसके बाद उसने सूरज पर हमला कर दिया। उसका सिर को दीवार से लड़ा दिया। चोटिल कर उसका गला दबाने लगा। पुलिस के लॉकअप खोलने तक सूरज फर्श पर पड़ा हुआ था। राजू उस समय भी सूरज का गला दबाने में लगा हुआ था।
पुलिस का दावा, ऐसे हुई थी गुड़िया की हत्या
पुलिस के दावे के अनुसार गुड़िया के साथ की गई दरिंदगी से पहले राजू ने गुड़िया को पिकअप में लिफ्ट दी थी। उसने गुड़िया को अपने डेरे से करीब तीन सौ मीटर दूर उतार दिया। वह अपने घर वाली सड़क पर पैदल जा रही थी।
आरोपियों ने खुलासा किया कि इसके बाद राजू और उन्होंने गाड़ी से बगीचे में स्प्रे करने वाली मशीन और अन्य सामान उतारा। राजू शार्ट कट रास्ते से गुड़िया के गांव को जाने वाली सड़क पर पैदल पहुंचा और उसने सड़क से ऊपर वाले जंगल में गुड़िया के साथ जबरन दुराचार किया।
इस दौरान ये सब भी मौके पर थे। पुलिस ने जब पूछा कि गुड़िया मदद के लिए क्यों नहीं चीखी तो आरोपियों ने कहा कि उसका मुंह चुन्नी से बांध रखा था। दुराचार के बाद उसका गला घोंटा गया और कुछ दूर एक गड्ढे में फेंक कर फरार हो गए।
दीपक को छोड़ कर बाकी सभी चार आरोपियों ने दरिंदगी की है लेकिन पुलिस के अनुसार गुड़िया के शरीर पर दीपक ने ही दांत गाडे़ हैं। हालांकि इस पूरी थ्योरी का फोरेंसिक रिपोर्ट से ही खुलासा हो पाएगा। पुलिस की ओर से दावा किया जा रहा है कि वारदात वाले दिन आरोपी नशे में भी थे।
यूं पकड़ में आया था पुजारी
इस मामले में पकड़ा गया आरोपी सुभाष उत्तराखंड का रहने वाला है। वह दांदी में एक मंदिर में पुजारी का काम भी करता था। वह रोज शाम को पांच बजे के बाद मंदिर में भजन कीर्तन लगा देता था
लेकिन वारदात वाले दिन वह शाम सात बजे मंदिर पहुंचा था। इस बारे में पुलिस पुख्ता सबूत जुटा लेने का दावा कर रही है।