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आचार सहिंता में बढ़ा दिया बस किराया
Updated Mon, 16 Oct 2017 10:58 PM IST
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शिमला। चुनाव आचार संहिता का फायदा उठाने के लिए शिमला शहर के प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने गुपचुप बस किराया बढ़ा दिया है। एकाएक बस ऑपरेटरों ने न्यूनतम किराये 3 की जगह 5 रुपये वसूलना शुरू कर दिया है, जबकि एचआरटीसी बसों में न्यूनतम किराया 3 रुपये ही वसूला जा रहा है। हालांकि परिवहन निदेशक ने मनमाने तरीके से किराये में बढ़ोतरी को पूरी तरह गैर कानूनी बताया है। वहीं आरटीओ शिमला प्रशांत देष्टा का कहना है कि बसों में न्यूनतम किराया 3 रुपये ही है। अगर कोई ज्यादा वसूलता है तो तुरंत इसकी शिकायत करें।
बस ऑपरेटरों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर त्योहारी सीजन में पब्लिक पर बोझ डाल दिया है। कोर्ट ने बस आपरेटरों के हक में फैसला सुनाया है, लेकिन प्रदेश में बस किराया घटाने या बढ़ाने का फैसला सरकार की कैबिनेट लेती है। कैबिनेट ने किराये में बढ़ोतरी का कोई फैसला नहीं लिया है। ऐसे में अवैध रूप से ही बस आपरेटरों ने शहर में बस किराया बढ़ा दिया है। बसों के कंडक्टर कोर्ट के फैसले की कॉपी सवारियों को दिखाकर जबरन 3 की जगह 5 रुपये किराया वसूल रहे हैं। ऐतराज करने पर यात्रियों के साथ बदसलूकी की जा रही है।
मर्जी से लागू नहीं कर सकते किराया : भाटिया
बस ऑपरेटर अपनी मर्जी से किराया लागू नहीं कर सकते। तय किराये से अधिक वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। अधिकारियों को बसों का निरीक्षण करने के आदेश दिए जाएंगे।
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- विवेक भाटिया निदेशक, परिवहन विभाग
कोर्ट के आदेश ही कर रहे हैं लागू : अमित
कोर्ट के आदेशों को ही लागू किया जा रहा है। मई में ही नए किराए लागू कर दिए गए हैं, अब तक कुछ बसों में बढ़ा हुआ किराया लिया जा रहा था और कुछ में नहीं। हम कोर्ट के आदेश मान रहे हैं लेकिन एचआरटीसी नहीं मान रहा।
- अमित चड्ढा महासचिव, प्राइवेट बस आपरेटर यूनियन
एचआरटीसी बसों में 3 रुपये ही किराया
शहर में चल रही एचआरटीसी की बसों में यात्रियों से न्यूनतम किराया तीन रुपये ही वसूला जा रहा है। एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक देवासेन नेगी का कहना है कि प्रदेश सरकार की ओर से न्यूनतम किराया 3 रुपये निर्धारित किया गया है। सरकार की ओर से किराये में तब्दीली को लेकर कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
शिकायत करें, तुरंत होगी कार्रवाई : आरटीओ
आरटीओ शिमला प्रशांत देष्टा का कहना है कि बसों में न्यूनतम किराया 3 रुपये ही है। अगर किसी बस में ज्यादा किराया वसूला जाता है तो तुरंत शिकायत करें, संबंधित बस आपरेटर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इन नंबरों पर करें शिकायत
1. आरटीओ आफिस 2658379
2. ट्रैफिक कंट्रोल रूम 2651850
3. एसएमएस शिकायत सेवा 94591-00100
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बस ऑपरेटरों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर त्योहारी सीजन में पब्लिक पर बोझ डाल दिया है। कोर्ट ने बस आपरेटरों के हक में फैसला सुनाया है, लेकिन प्रदेश में बस किराया घटाने या बढ़ाने का फैसला सरकार की कैबिनेट लेती है। कैबिनेट ने किराये में बढ़ोतरी का कोई फैसला नहीं लिया है। ऐसे में अवैध रूप से ही बस आपरेटरों ने शहर में बस किराया बढ़ा दिया है। बसों के कंडक्टर कोर्ट के फैसले की कॉपी सवारियों को दिखाकर जबरन 3 की जगह 5 रुपये किराया वसूल रहे हैं। ऐतराज करने पर यात्रियों के साथ बदसलूकी की जा रही है।
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मर्जी से लागू नहीं कर सकते किराया : भाटिया
बस ऑपरेटर अपनी मर्जी से किराया लागू नहीं कर सकते। तय किराये से अधिक वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। अधिकारियों को बसों का निरीक्षण करने के आदेश दिए जाएंगे।
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- विवेक भाटिया निदेशक, परिवहन विभाग
कोर्ट के आदेश ही कर रहे हैं लागू : अमित
कोर्ट के आदेशों को ही लागू किया जा रहा है। मई में ही नए किराए लागू कर दिए गए हैं, अब तक कुछ बसों में बढ़ा हुआ किराया लिया जा रहा था और कुछ में नहीं। हम कोर्ट के आदेश मान रहे हैं लेकिन एचआरटीसी नहीं मान रहा।
- अमित चड्ढा महासचिव, प्राइवेट बस आपरेटर यूनियन
एचआरटीसी बसों में 3 रुपये ही किराया
शहर में चल रही एचआरटीसी की बसों में यात्रियों से न्यूनतम किराया तीन रुपये ही वसूला जा रहा है। एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक देवासेन नेगी का कहना है कि प्रदेश सरकार की ओर से न्यूनतम किराया 3 रुपये निर्धारित किया गया है। सरकार की ओर से किराये में तब्दीली को लेकर कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
शिकायत करें, तुरंत होगी कार्रवाई : आरटीओ
आरटीओ शिमला प्रशांत देष्टा का कहना है कि बसों में न्यूनतम किराया 3 रुपये ही है। अगर किसी बस में ज्यादा किराया वसूला जाता है तो तुरंत शिकायत करें, संबंधित बस आपरेटर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इन नंबरों पर करें शिकायत
1. आरटीओ आफिस 2658379
2. ट्रैफिक कंट्रोल रूम 2651850
3. एसएमएस शिकायत सेवा 94591-00100