चिंकारा केस: राजस्थान सरकार ने SC से कहा- सलमान का सरेंडर कराएं
सलमान खान की मुश्किलें फिर बढ़ सकती हैं। काले हिरण और चिंकारा शिकार मामले में सलमान की रिहाई के खिलाफ राजस्थान सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। राज्य सरकार ने सलमान खान को बरी किए जाने के राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। इस मामले में अगले हफ्ते या फिर दिपावली के बाद उच्चतम न्यायालय में सुनवाई शुरू हो सकती है।
जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका पेश की है। गौरतलब है कि राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर बैंच ने 25 जुलाई को सलमान खान को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया था।
सलमान खान के खिलाफ जोधपुर में हम साथ-साथ हैं की वर्ष 1998 में चल रही शूटिंग के दौरान 26- 27 सितंबर को भवाद में दो चिंकारा और 28-29 सितंबर को मथानिया में एक शिकार के आरोप हैं। उन पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा-51 के तहत मामला दर्ज हुआ था।
निचली अदालत ने सलमान खान को दोनों मामलों में दोषी माना था। 17 फरवरी 2006 को सलमान को भवाद शिकार मामले में एक साल और मथानिया (घोड़ा फार्म) शिकार मामले में 5 साल की सजा सुनाई थी।
सलमान के बरी होने के ये रहे कारण
राजस्थान उच्च न्यायालय ने भवाद और घोड़ा फार्म शिकार मामलों में माना कि चिंकारा के शरीर से मिली गोलियां सलमान की लाइसेंसी रिवॉल्वर से नहीं चलाई गई थीं। दोनों मामलों में 12 आरोपियों में से 11 के बरी होने का फायदा भी सलमान को मिला।
विशेषज्ञों के अनुसार सलमान के खिलाफ वन अधिकारी ललित बोड़ा ने दवा कारोबारी अरुण के ड्राइवर हरीश दुलानी के बयान पर शिकार के मुकदमे दर्ज कराए थे। लेकिन जिन लोगों ने मामला दर्ज करवाया था, वे ही गायब हो गए। साथ ही, दर्जनभर आरोपियों में से सलमान के अलावा सभी पहले ही बरी हो गए थे।
बरी आरोपियों के खिलाफ सरकारी वकील मजबूद तथ्य नहीं पेश कर पाए और सभी को बेनिफिट ऑफ डाउट का फायदा मिला। इधर, उस दौरान उम्मेद भवन में ठहरे सलमान के कमरे से पुलिस को जो बंदूक की गोलियां मिली उनका जब्त की गई जिप्सी में मिले छर्रों से मिलान नहीं हो पाया। कमरे में मिला चाकू छोटा था।
18 दिन रहे हैं जेल में रहे सलामन
हिरण शिकार के 3 मामलों में सलमान पुलिस व न्यायिक हिरासत को मिलाकर 18 दिन जेल में रह चुके हैं। वन विभाग ने सलमान को पहली बार 12 अक्टूबर 1998 को हिरासत में लिया था। वे 17 अक्टूबर तक जेल में रहे।
इसके बाद घोड़ा फार्म मामले में 10 अप्रैल 2006 को सलमान को निचली अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई थी, जिसके तुरंत वे छह दिन जेल में रहे। सत्र न्यायालय ने भी इस सजा को बरकरार रखा और उन्होंने 26 से 31 अगस्त 2007 तक के दिन जेल में काटे।
भवाद व घोड़ा फार्म के दो मामलों के अलावा काकाणी क्षेत्र में हुए हिरण शिकार में वर्तमान में सुनवाई निचली अदालत में चल रही है। साथ ही, सलमान पर इन शिकारों में अवैध हथियार के इस्तेमाल का भी मामला निचली अदालत में चल रहा है।