गैंगरेप और हत्या के मामले में वीरवार को लोगों ने भाजपा, माकपा और दूसरे संगठनों के साथ मिलकर शिमला बंद कर दिया। गुड़िया केस को लेकर जगह जगह चक्का जाम चल रहा है, दुकानें बंद है जबकि कई जगहों पर हाथापाई भी हो रही है। सुबह दस बजे से लेकर ही शिमला ठप हो गया। हालात बेकाबू हो गए जबकि पुलिस बेबस नजर आ रही है। बाद में जनता ने पुलिस मुख्यालय तक घेर लिया। सचिवालय पर पथराव किया गया।
इससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। अतिरिक्त पुलिस फोर्स भी मौके पर बुलाई गई। मगर चक्का जाम होने से पुलिस मौके पर नहीं पहुंच पाई। शिमला के मालरोड पर भी धरना प्रदर्शन हुआ और रैलियां निकाली गई। हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस रिपोर्टिंग रूम के बाहर जमा होकर नारेबाजी की।
शिमला के ढली, खलीणी, विक्ट्री टनल, संजौली, टुटू और बालूगंज जैसे एरिया में सुबह से ही चक्का जाम जारी रहा। शिमला की सड़कों पर लंबा जाम लग गया। उधर, माकपा ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शहर में लगे जाम से सैलानी भी गाड़ियों में फंसे रहे। वहीं, स्कूली बच्चों और अन्य लोगों को पैदल ही अपने काम पर जाना पड़ा।
शिमला बंद के चलते आम लोगों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा। बीसीएस में अस्पताल जा रहे एक बुजुर्ग से प्रदर्शनकारियों ने हाथापाई तक कर डाली। कई अन्य जगहों पर भी शिमला बंद के नाम पर प्रदर्शनकारियों ने गुंडागर्दी कर दी।
वहीं, भाजपा ने मालरोड और छोटा शिमला में सीएम वीरभद्र सिंह के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतले भी जलाए गए। लोगों का कहना है कि पहले तो आरोपियों को पकड़ने में गोलमाल हुआ। फिर थाने में एक आरोपी की हत्या हो गई। मामले को लेकर जनता का गुस्सा शांत होता नहीं दिख रहा है। प्रदेश सरकार और पुलिस के खिलाफ लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।