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केदारनाथ: आपदा के विशेष पैकेज में लगा कट

Sun, 10 Nov 2013 04:21 PM IST
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 10 Nov 2013 04:21 PM IST
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Kedarnath disaster special package cut

उत्तराखंड की आपदा पुनर्निर्माण एवं पुनर्वास योजना प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन उत्तराखंड (सीसीयू) की मोहर लगने से पहले विशेष पैकेज में कट लग गया है।

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पांच सौ करोड़ रुपए अस्वीकृत
7500 करोड़ के कुल प्लान में विशेष पैकेज के तौर पर 1479.2 करोड़ रुपए की सहायता राज्य सरकार ने मांगी है, जिसमें से सड़क व पुल निर्माण के लिए लगभग पांच सौ करोड़ रुपए आयोग ने अस्वीकृत कर दिये हैं। राज्य की कमजोर प्लानिंग का नतीजा है कि प्रस्तावित सीसीयू की बैठक में आयोग अब लगभग सात हजार करोड़ का प्रस्ताव रखेगा।
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अंतर मंत्री मंडलीय समूह की अक्टूबर में हुई बैठक के बाद योजना आयोग ने राज्य को दिए जाने वाले विशेष पैकेज को दोबारा से निर्धारित किया है। राज्य को विशेष पैकेज के अलावा वाह्य सहायतित परियोजना में 2200 करोड़, केंद्र पोषित योजनाओं में 2150 करोड़, अतिरिक्त अन्य सहायता में एक हजार करोड़ रुपये मिलने हैं।

अब सीसीयू के समक्ष रखे जाने वाले प्रस्ताव के तैयार कैबिनेट नोट में आयोग ने विशेष पैकेज से पांच सौ करोड़ अस्वीकृत किया है। सूत्रों के अनुसार आयोग सड़क निर्माण के लिए पैकेज में अलग से पांच सौ करोड़ को लेकर दी दलील से संतुष्ट नहीं था।

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सरकार के नुमाइंदे भी यह साबित करने में नाकाम रहे कि जब वर्ल्ड बैंक सहित अन्य सहायता में तीन हजार करोड़ पहले ही पुल एवं सड़क निर्माण में मिल रहा है तो आखिर विशेष पैकेज में मांगे पांच सौ करोड़ से किन सड़कों और पुलों के निर्माण होना है। जबकि सड़क निर्माण का मुख्य जिम्मा बीआरओ के पास है।

कमजोर प्लानिंग का नतीजा
पुनर्निर्माण योजना पर आयोग की कई बार कैंची लगने का बड़ा कारण राज्य की कमजोर प्लानिंग है। पहले 15 हजार करोड़ का प्लान तैयार किया, लेकिन उसपर बात नहीं बनी।

आयोग के समक्ष जब प्लान पेश किया तो उसमें कई आपत्तियां लगी। सरकार ने पैसा तो मांगा लेकिन वह खर्च कैसे होगा इसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट नहीं दी। इसके बाद प्लान का आकार आठ हजार करोड़ और फिर 7500 करोड़ हुआ।

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