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एक ऐसा चश्मा जिसको लगाते ही समझ आए दुनिया की भाषा

Fri, 11 Oct 2013 11:51 AM IST
Updated Fri, 11 Oct 2013 11:51 AM IST
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जापान की एक बड़ी मोबाइल ऑपरेटर कंपनी का कहना है कि उसने एक ऐसा चश्मा तैयार किया है जो अपरिचित शब्दों की एक सूची का अनुवाद कर सकता है।

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एनटीटी डोकोमो कंपनी के अनुसार उसका यह इंटेलीजेंट चश्मा किसी भी अपरिचित शब्दों की अनुवादित छवि पेश कर सकता है।

यह चश्मा देखने के काम आने के साथ-साथ आभासी चित्रों की भी हेरफेर करने में सहायक है।

कंपनी के अनुसार इस तकनीक को जापान के एक कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक शो सीटैक-2013 में प्रदर्शित किया जाएगा।

एनटीटी डोकोमो का कहना है कि यह चश्मा पर्यटर्कों के लिए वरदान साबित हो सकता है। शब्द पहचान तकनीक से विदेश यात्रा करने वाले पर्यटकों, रेस्तरां का मेनू और अन्य दस्तावेज़ को तुरंत पढ़ने में सहायता मिलेगी।
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अनुवादित विषय वस्तु

कंपनी का कहना है कि यह चश्मा, जिस पर अभी शोध जारी है, उपभोक्ता की अपनी भाषा में अनुवादित विषयवस्तु प्रस्तुत कर सकता है।

गूगल ने 'स्मार्ट ग्लासेज़' यानी 'स्मार्ट चश्मे' को एक वीडियो के ज़रिए आम लोगों के बीच पेश किया है।

इस चश्मे के ज़रिए जापानी, अंग्रेज़ी, चीनी और कोरियाई भाषाओं में अनुवाद किया जा सकता है। जबकि किसी भी भाषा में अनुवाद के लिए पांच सेकेंड का समय लगता है।
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एनटीटी डोकोमो के अनुसार इस तकनीक से सपाट सतह को टच स्क्रीन में भी तब्दील किया जा सकता है।

कोई भी व्यक्ति इस चश्मे में एक रिंग का इस्तेमाल कर सामने नज़र आने वाले चित्रों में हेरफेर भी कर सकता है।

जबकि इन चश्मों में सामने नज़र आने वाले व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी प्रदर्शित करने के लिए चेहरों को पहचानने का एक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल भी किया गया है।


जिसके लिए स्मार्टफ़ोन का इस्तेमाल करते हुए दूरदराज़ सर्वरों से डाटा लिया जाता है।
धारण की जाने वाली तकनीक

"इन चश्मों में सामने नजर आने वाले व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी प्रदर्शित करने के लिए चेहरों को पहचानने का एक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल भी किया गया है। "

आईडीसी कंज्यूमर टेक्नोलॉजी सलाहकार जोनाथन गॉ ने बीबीसी को बताया की धारण की जाने वाली इन तकनीकों में काफ़ी क्षमता है, लेकिन कई समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि छोटी ऐप्लीकेशन वाले इसके साथ स्मार्ट चश्मे नहीं बेचेंगे। स्मार्ट चश्मों के साथ तात्कालिक समस्या उनके आकार, वज़न और बैटरी लाइफ़ की है।

इसके अलावा उपभोक्ताओं की दुनिया में फ़ैशन और सामाजिक स्वीकार्यता भी मुद्दे हैं। कुछ बड़ी तकनीकी कंपनियां हैं, जो इस तरह की तकनीक विकसित करने में लगी है।

गूगल भी अपने गूगल ग्लास प्रोजेक्ट के तहत सिर पर पहने जाने वाला चश्मा तैयार कर रहा है

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