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उत्तराखंड: खराब मौसम पर जवानों का जज्बा भारी

Sun, 23 Jun 2013 03:06 PM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Sun, 23 Jun 2013 03:06 PM IST
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uttrakhand flood updats

उत्तराखंड में कुछ इलाकों में बारिश रुकने से सेना का राहत एवं बचाव अभियान फिर शुरू हो गया है।

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देहरादून में बारिश रूकने से हेलीकॉप्टर राहत सेवा भी शुरू हो गई है।

हालांकि केदारनाथ, बदरीनाथ समेत कुछ इलाकों में मौसम खराब है। लेकिन सेना ने वहां भी अपने अभियान को जारी रखा है।

आपदा प्रभावित इलाकों में अभी भी 22 हजार लोग फंसे हुए हैं। सेना और सरकार ने आपदा में फंसे लोगों को बचाने का अभियान रविवार को पूरा होने की उम्मीद जताई है।

बादल छाए होने के बावजूद हेलीकॉप्टर उड़ान भर रहे हैं। ज्यादातर लोगों को पैदल रास्तों से निकालने की कोशिश की जा रही है।

चमोली और उत्तरकाशी में भी बारिश की आशंका जताई गई है।

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मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में मध्यम से तेज बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर 22 हजार फंसे लोगों को कैसे बचाया जाएगा।

25 से लेकर 27 जून तक कई परतों वाले बादलों की वजह से हेलीकाप्टर को उड़ने में दिक्कत हो सकती है। चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ जिलों में कुछ जगह तेज बारिश की आश्ांका है।
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केदारनाथ में तबाही की विचलित करती तस्वीरें

मौसम विभाग की जानकारी ने सैन्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार का दिन सेना व वायुसेना के अभियान के लिए सबसे अहम है। ऐसे में सेना जल्द से जल्द सभी फंसे लोगों को निकाल लेना चाहती है।

देहरादून और रुद्रप्रयाग में शनिवार को भी बादल छाए रहे। इससे सुबह काफी देर तक हेलीकॉप्टर नहीं उड़ पाए। शाम को दून में कुछ जगह हल्की बारिश भी हुई।

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रविवार को भी बादल छाए रहने और हल्की बारिश की आशंका है। उधर, चमोली जिले की घाटियों में गहरी धुंध छाई रही जिससे हेलीकॉप्टर भटक रहे हैं।

इससे शनिवार को बचाव कार्य प्रभावित हुए। पर्यावरणविद् चंडी प्रसाद भट्ट का कहना है कि बारिश के तुरंत बाद चटख धूप के चलते जमीन की नमी वातावरण में फैल गई है। इससे घाटियों में धुंध की चादर दिख रही है।

उत्तराखंड में तबाही का मंजर

तेजी से हुआ बचाव कार्य
तमाम आशंकाओं के बीच शनिवार को भी बचाव कार्य काफी तेजी से हुआ। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ, रामबाड़ा और जंगलचट्टी में फंसे 600 लोगों को सेना ने निकाला।


यात्रियों को खिलाने के बाद एक गांव भुखमरी का शिकार

150 वाहनों के जरिए 1800 फंसे यात्रियों को गुप्तकाशी से ऋषिकेश भेजा गया। रुद्रप्रयाग से भी 12 वाहनाें में 600 यात्री रवाना किए गए।

एनडीआरएफ, सेना के जवानों द्वारा फंसे लोगों को पैदल सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि केदारघाटी में अब भी करीब दो हजार लोग फंसे हैं।

बदरीनाथ में साढ़े पांच हजार लोग फंसे

चमोली जिले में सेना ने बदरीनाथ, पुलना, घांघरिया और पांडुकेश्वर से 1550 तीर्थयोत्रियों को निकाला। गोविंदघाट में फंसे 885 लोगों को पिनौड़ा तक पैदल लाया गया।

इसके बाद वाहनों से जोशीमठ पहुंचाया गया। अब तक बदरीनाथ, घांघरिया, गोविंदघाट में फंसे 17 हजार 618 लोगों को निकाला जा चुका है।

घांघरिया में अब कोई यात्री नहीं फंसा है। बदरीनाथ में अभी साढ़े पांच हजार लोग फंसे हैं। रविवार से सेना केहेलीकाप्टर इन यात्रियों को लाने के लिए बदरीनाथ में जुटेंगे।

गोविंदघाट में 1500 लोग फंसे हैं, इन्हें सेना पैदल रास्ते से निकालेगी।

चला ऑपरेशन मर्सी मिशन
उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे पर फंसे श्रद्धालुओं को निकालने के लिए वायुसेना का ऑपरेशन मर्सी मिशन दिन भर चला।

हर्षिल, भटवाड़ी व मनेरी से कुल 550 तीर्थयात्रियों को हेलीकॉप्टर से निकालकर चिन्यालीसौड़ हवाईपट्टी तक पहुंचाया गया। यहां से यात्रियों को विमान से दिल्ली तथा सरसावा एयरबेस तक छोड़ा गया।

उत्तरकाशी में करीब 4 हजार तीर्थयात्री अभी फंसे बताए जा रहे हैं।

एक नजर इन पर भी...
आशंकाएं

-राहत-बचाव कार्य पर छाए आशंकाओं के बादल
-अगले 48 घंटों में मध्यम से तेज बारिश के आसार
-हेलीकाप्टर उड़ाने में पेश आ सकती है दिक्कत
-चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ में बरिश संभव

खराब मौसम की मार
शनिवार को जौलीग्रांट से हेलीकॉप्टर चार घंटे देरी से उड़ सके।
-सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक खराब मौसम की चुनौती को देखते हुए अधिक से अधिक पैदल रास्ते खोलने के प्रयास हो रहे हैं।

कहां कितने बचाए गए
-केदारनाथ, रामबाड़ा, जंगलचट्टी में फंसे 600 लोगों को सेना ने निकाला
-1800 फंसे यात्रियों को गुप्तकाशी से वाहनों के जरिये ऋषिकेश भेजा गया
-रुद्रप्रयाग से भी 12 वाहनों में 600 यात्री ऋषिकेश के लिए रवाना किए गए
-बदरीनाथ, पुलना, घांघरिया, पांडुकेश्वर से 1550 तीर्थयात्री निकाले गए
-गोविंदघाट से 885 लोगों को पैदल पिनौड़ा लाकर जोशीमठ पहुंचाया गया
-वायुसेना ने हर्षिल, भटवाड़ी, मनेरी से 550 तीर्थयात्रियों को निकाला

मिली सफलता
-कुल 1355 यात्री शनिवार को किए गए हैं एयरलिफ्ट
-सेना ने गोविंदघाट-लामबगड़ के बीच पैदल ट्रैक खोला
-गंगोत्री से हर्षिल के बीच सड़क मार्ग भी खोला गया
-तवाघाट में 6 दिन से कटे 1000 लोगों तक रसद पहुंची
-दुर्गम जंगलचट्टी में सेना ने तलाशे हैं सैकड़ों यात्री

अब भी फंसे हैं
केदारघाटी में अभी फंसे हैं करीब दो हजार लोग
बदरीनाथ में अभी साढ़े पांच हजार लोग फंसे हैं
रविवार से सेना केहेलीकॉप्टर इन्हें निकालेंगे
गोविंदघाट में 1500 लोग, सेना पैदल निकालेगी
उत्तरकाशी में करीब चार हजार तीर्थयात्री फंसे

किसने क्या कहा
-दून में शिंदे बोले, 30 हजार लोग उत्तराखंड में अब भी फंसे
-उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने कहा, 22 हजार लोग फंसे हैं
-मुख्यमंत्री बोले, तबाही में करीब एक हजार लोगों की मौत

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