{"_id":"76c1424d7370c71163a6c92321d34e65","slug":"meet-the-wizard-of-hockey","type":"story","status":"publish","title_hn":"दद्दू की कही बात पर नहीं आने दी आंच...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दद्दू की कही बात पर नहीं आने दी आंच...
अमर उजाला, प्रवेश कुमारी, देहरादून
Updated Sun, 01 Sep 2013 11:26 AM IST
विज्ञापन
हॉकी में ध्यानचंद अवार्ड मिलने पर ओलंपियन सैयदअली बेहद भावुक हैं। नैनीताल के मूल निवासी सैयदअली को इस बात का अफसोस जरूर है कि अपने राज्य उत्तराखंड ने उन्हें याद नहीं किया।
विज्ञापन
अमर उजाला से बात-चीत में वह दद्दा को भी याद करना नहीं भूले। बोले-1972 में केडी सिंह बाबू स्पोर्ट्स हॉस्टल में दाखिल हुआ था, वहां 73 में दद्दा से मुलाकात हुई थी।
विज्ञापन
एक दिन वर्ल्ड कप
खेल देखने के बाद वह कंधे पर हाथ रखकर बोले थे, तुम उम्दा हॉकी खेलते हो। एक दिन वर्ल्ड कप खेलोगे। उनकी यह बात सच साबित हुई।
79 में प्री-ओलंपिक से चोट की वजह से बाहर हो जाने वाले सैयदअली ने मांट्रियल में हॉकी का जादू बिखेरा। ओलंपिक के साथ ही चार वर्ल्ड कप मुकाबलों में भी शिरकत की।
विज्ञापन
56 में नैनीताल में एम अली के नाम से मशहूर मोहम्मद अली के घर जन्में सैयदअली इस वक्त लखनऊ के भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में कार्यरत हैं। 2007 में उनकी पत्नी की मौत हुई। एक बेटी है, जो शादी-शुदा है।
बेटा भी फुटबाल खिलाड़ी
सैयदअली का प्यार बेशक हॉकी से रहा, लेकिन बेटा सलमान फुटबाल में नाम कमा रहा है। इस वक्त वह एक फुटबाल क्लब की तरफ से खेल रहा है।
बकौल सैयदअली सलमान हॉकी भी उम्दा खेलता है, लेकिन एक बार एक बात पर उसे डांट दिया था, जिसके बाद उसने हॉकी को हाथ नहीं लगाया। खुद सैयद हॉकी के बाद कोई खेल देखना पसंद करते हैं तो वह फुटबाल है।
टुकड़ों में अच्छा करती है टीम
तकरीबन 60 साल के सैयदअली को भरोसा है कि हॉकी की सूरत जल्द बदलेगी। हॉकी इंडिया में बतौर सेलेक्टर तैनात सैयद अली का मानना है कि टीम इंडिया टुकड़ों-टुकड़ों में बेहतर प्रदर्शन करती है।
उसे समग्र रूप से अच्छा खेल दिखाने की जरूरत है। वर्ल्ड कप के लिए टीम के क्वालिफाई करने पर भी वह बेहद खुश नजर आए।