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खसरा को देवी मान माली से पूजा
Pratapgarh
Updated Mon, 12 May 2014 05:30 AM IST
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रानीगंज। लाख प्रयासों के बावजूद अंधविश्वास लोगों का पीछा नहीं छोड़ रहा। बदन पर निकले दानों को डाक्टर मिजिल्स (खसरा) बता इलाज की सलाह दे रहे हैं। वहीं खसरे से युवक की मौत होने के बाद भी लच्छीपुर के ग्रामीण देवी मान माली से पूजा पाठ कराने में जुटे हैं।
लच्छीपुर गांव में विगत तीन दिन से कई लोग खसरा की चपेट में हैं। बुखार के साथ दानों में जलन की शिकायत है। इसकी चपेट में आए एक युवक की शुक्रवार रात मौत हो गई। स्वास्थ्य अफसर इसे खसरा बता रहे हैं। रविवार को ‘अमर उजाला’ ने खबर प्रकाशित की तो गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और दवाएं वितरित कीं। डॉक्टर उन्हें स्वच्छता व बराबर इलाज की सलाह दे कर लौट आए। आशा व एएनएम को निगरानी रखने की हिदायत दी गई है। इधर ग्रामीण डॉक्टरों की सलाह को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। महेन्द्रमणि त्रिपाठी (25) छाले से ज्यादा ही परेशान है। उसके परिजन बिस्तर पर कलश रखकर पूजा पाठ में जुटे हैं। उनका मानना ये है कि देवी निकल आई हैं। देवी प्रकोप मानते हुए शांत करने के लिए माली पूजापाठ में जुटा है। महेन्द्र के परिवार के बच्चे रुद्र (1), नीतू (6), प्रिंसी (7) व कपिल के घर का बच्चा आर्या (1), घनानन्द की पत्नी उर्मिला (35) भी खसरा की चपेट में हैं। परिजन उन्हें इलाज के लिए नहीं ले जा रहे। कहते हैं इससे देवी और रुष्ठ हो जाएंगी।
गांव में टीम भेजी गई। लोगों को दवा के साथ बचाव का तरीका भी बताया गया। इलाज के लिए परिजन उन्हें अस्पताल नहीं ला रहे हैं। खसरा रोग है। अंधविश्वास के चलते लोग झाड़फूंक करा रहे हैं।
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-डॉ. मनीष मौर्या, सीएचसी रानीगंज अधीक्षक
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लच्छीपुर गांव में विगत तीन दिन से कई लोग खसरा की चपेट में हैं। बुखार के साथ दानों में जलन की शिकायत है। इसकी चपेट में आए एक युवक की शुक्रवार रात मौत हो गई। स्वास्थ्य अफसर इसे खसरा बता रहे हैं। रविवार को ‘अमर उजाला’ ने खबर प्रकाशित की तो गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और दवाएं वितरित कीं। डॉक्टर उन्हें स्वच्छता व बराबर इलाज की सलाह दे कर लौट आए। आशा व एएनएम को निगरानी रखने की हिदायत दी गई है। इधर ग्रामीण डॉक्टरों की सलाह को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। महेन्द्रमणि त्रिपाठी (25) छाले से ज्यादा ही परेशान है। उसके परिजन बिस्तर पर कलश रखकर पूजा पाठ में जुटे हैं। उनका मानना ये है कि देवी निकल आई हैं। देवी प्रकोप मानते हुए शांत करने के लिए माली पूजापाठ में जुटा है। महेन्द्र के परिवार के बच्चे रुद्र (1), नीतू (6), प्रिंसी (7) व कपिल के घर का बच्चा आर्या (1), घनानन्द की पत्नी उर्मिला (35) भी खसरा की चपेट में हैं। परिजन उन्हें इलाज के लिए नहीं ले जा रहे। कहते हैं इससे देवी और रुष्ठ हो जाएंगी।
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गांव में टीम भेजी गई। लोगों को दवा के साथ बचाव का तरीका भी बताया गया। इलाज के लिए परिजन उन्हें अस्पताल नहीं ला रहे हैं। खसरा रोग है। अंधविश्वास के चलते लोग झाड़फूंक करा रहे हैं।
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-डॉ. मनीष मौर्या, सीएचसी रानीगंज अधीक्षक