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पिटाई से दलित की मौत
Mainpuri
Updated Sat, 17 Aug 2013 05:34 AM IST
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मैनपुरी। थाना कुर्रा के गांव गदनपुर में उधारी के रुपयों को लेकर हुए विवाद में कुछ लोगों ने दो दिन पहले एक दलित युवक की पिटाई की। गुरुवार रात उसकी घर पर ही मौत हो गई। सूचना देने के पांच घंटे बाद पुलिस गांव पहुंची। गांव पहुंचे बसपा नेताओं और परिवार वालों की पुलिस से कहासुनी हुई। तहरीर के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी। मौत का कारण जानने के लिए पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया है।
गदनपुर निवासी गिरीश जाटव (30) पुत्र द्वारिका प्रसाद ने चार साल पहले मईखेडा निवासी शरद यादव से 40 हजार उधार लिए थे। गिरीश के परिवारीजनों के अनुसार चार साल में गिरीश साढ़े तीन लाख रुपये शरद को दे चुका है। इसके बाद भी शरद और उसके घर वाले रुपये देने के लिए परेशान कर रहे थे। इसे लेकर पंचायत भी कराई गई लेकिन शरद किसी की भी बात सुनने को तैयार नहीं था। उसने रुपये न देने पर सबक सिखाने की धमकी दी थी।
परिवारीजनों का आरोप है कि बुधवार शाम गदनपुर निवासी ओवेंद्र जाटव पंचायत करने के नाम पर गिरीश को शरद के घर ले गया। वहां उधारी के रुपयों को लेकर गिरीश का शरद से विवाद हुआ। विवाद के चलते शरद, प्रदीप, ओवेंद्र ने उसकी पिटाई की और मरणासन्न हालत गिरीश को उसके घर पर छोड़कर भाग गए। परिवारीजनों ने गिरीश का निजी चिकित्सक से उपचार कराया। गुरुवार रात गिरीश की मौत हो गई।
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परिवारीजनों का आरोप है कि शुक्र वार सुबह आठ बजे थाना कुर्रा में घटना की सूचना दी। सूचना के पांच घंटे बाद पुलिस गांव में पहुंची। पुलिस ने जांच करने की बजाय समझौता करने का दबाव बनाया। परिवारीजनों द्वारा समझौता न करने पर पुलिस से विवाद हुआ। जानकारी पाकर बसपा जिलाध्यक्ष दीपक पेंटर, जिला कोआर्डिनेटर रामौतार एडवोकेट सहित कई बसपा नेता गांव पहुंचे। रिपोर्ट लिखाने को लेकर बसपा नेताओं की पुलिस से कहासुनी भी हुई। परिवारीजनों का आरोप है कि घटना के संबंध में थाने में दी गई तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। मौत का कारण जानने के लिए पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।
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मामला संज्ञान में नहीं है। अगर पीड़ित तहरीर देंगे तो रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी।
- श्रीकांत सिंह, एसपी
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गदनपुर निवासी गिरीश जाटव (30) पुत्र द्वारिका प्रसाद ने चार साल पहले मईखेडा निवासी शरद यादव से 40 हजार उधार लिए थे। गिरीश के परिवारीजनों के अनुसार चार साल में गिरीश साढ़े तीन लाख रुपये शरद को दे चुका है। इसके बाद भी शरद और उसके घर वाले रुपये देने के लिए परेशान कर रहे थे। इसे लेकर पंचायत भी कराई गई लेकिन शरद किसी की भी बात सुनने को तैयार नहीं था। उसने रुपये न देने पर सबक सिखाने की धमकी दी थी।
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परिवारीजनों का आरोप है कि बुधवार शाम गदनपुर निवासी ओवेंद्र जाटव पंचायत करने के नाम पर गिरीश को शरद के घर ले गया। वहां उधारी के रुपयों को लेकर गिरीश का शरद से विवाद हुआ। विवाद के चलते शरद, प्रदीप, ओवेंद्र ने उसकी पिटाई की और मरणासन्न हालत गिरीश को उसके घर पर छोड़कर भाग गए। परिवारीजनों ने गिरीश का निजी चिकित्सक से उपचार कराया। गुरुवार रात गिरीश की मौत हो गई।
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परिवारीजनों का आरोप है कि शुक्र वार सुबह आठ बजे थाना कुर्रा में घटना की सूचना दी। सूचना के पांच घंटे बाद पुलिस गांव में पहुंची। पुलिस ने जांच करने की बजाय समझौता करने का दबाव बनाया। परिवारीजनों द्वारा समझौता न करने पर पुलिस से विवाद हुआ। जानकारी पाकर बसपा जिलाध्यक्ष दीपक पेंटर, जिला कोआर्डिनेटर रामौतार एडवोकेट सहित कई बसपा नेता गांव पहुंचे। रिपोर्ट लिखाने को लेकर बसपा नेताओं की पुलिस से कहासुनी भी हुई। परिवारीजनों का आरोप है कि घटना के संबंध में थाने में दी गई तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। मौत का कारण जानने के लिए पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।
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मामला संज्ञान में नहीं है। अगर पीड़ित तहरीर देंगे तो रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी।
- श्रीकांत सिंह, एसपी