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दिमागी बुखार से शिक्षक की मौत
Kasganj
Updated Mon, 01 Sep 2014 05:30 AM IST
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पटियाली। लगातार तेज धूप और बारिश न होने के कारण पटियाली क्षेत्र में संक्रामक रोगों का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। दिमागी बुखार से पीड़ित कस्बा के मोहल्ला वृत्याना निवासी शिक्षक राघवेंद्र (65) की मौत हो गई। वह बरेली के राममूर्ति मेडिकल कॉलेज में उपचार करा रहे थे। रविवार को उनकी मृत्यु हो गई। शिक्षक के भतीजे विशाल श्रोत्रिय ने बताया कि उनके चाचा को गुरुवार को बुखार आया। बुखार न उतरने पर उन्हें कासगंज में एक प्राइवेट नर्सिंग होम में दिखाया गया, जहां हालात में सुधार न होने पर उन्हें गुरुवार की रात बरेली में भर्ती कराया, जहां शनिवार की देर रात उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने बताया कि उन्हें चिकित्सकों ने खून की जांच के बाद दिमागी बुखार बताया था।
कस्बा और क्षेत्र में संक्रामक रोगों के चलते सीएचसी व प्राइवेट चिकित्सकों के यहां मरीजों की संख्या बड़ रही है। कस्बा निवासी सरताज अली ने बताया कि उसकी एक वर्षीय व आठ वर्षीय पुत्री को पिछले पांच दिन से बुखार आ रहा है। लगातार दवा लेने के बावजूद कोई फायदा नहीं हो पा रहा है। इसी तरह ग्राम नरथर के राजेंद्र सिंह ने बताया कि कस्बा में संक्रामक रोगों का प्रकोप बढ़ रहा है। लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने संक्रामकों की रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं।
तटवर्ती गांवाें में बढ़ रहा है संक्रामक को प्रकोप
पटियाली (ब्यूरो)। लगभग 10 दिनों पूर्व गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद ग्राम समसपुर तराई, नवाबगंज नगरिया, मिहोला, नगला खंदारी, नैथरा, तरसी, सुल्तानपुर आदि गांव के खेतों में पानी भर जाने की वजह से इन गांव में संक्रामक रोगों का प्रकोप अब पूरी तरह से चरम पर है। इन गांव में प्रत्येक घर में संक्रामक रोगों से पीड़ितों की चारपाइयां बिछी हुई है। संक्रामकों का प्रकोप होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग उदासीन बना हुआ है। अब तक स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांव में टीमों को भेजना मुनासिब नहीं समझा है।
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कस्बा और क्षेत्र में संक्रामक रोगों के चलते सीएचसी व प्राइवेट चिकित्सकों के यहां मरीजों की संख्या बड़ रही है। कस्बा निवासी सरताज अली ने बताया कि उसकी एक वर्षीय व आठ वर्षीय पुत्री को पिछले पांच दिन से बुखार आ रहा है। लगातार दवा लेने के बावजूद कोई फायदा नहीं हो पा रहा है। इसी तरह ग्राम नरथर के राजेंद्र सिंह ने बताया कि कस्बा में संक्रामक रोगों का प्रकोप बढ़ रहा है। लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने संक्रामकों की रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं।
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तटवर्ती गांवाें में बढ़ रहा है संक्रामक को प्रकोप
पटियाली (ब्यूरो)। लगभग 10 दिनों पूर्व गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद ग्राम समसपुर तराई, नवाबगंज नगरिया, मिहोला, नगला खंदारी, नैथरा, तरसी, सुल्तानपुर आदि गांव के खेतों में पानी भर जाने की वजह से इन गांव में संक्रामक रोगों का प्रकोप अब पूरी तरह से चरम पर है। इन गांव में प्रत्येक घर में संक्रामक रोगों से पीड़ितों की चारपाइयां बिछी हुई है। संक्रामकों का प्रकोप होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग उदासीन बना हुआ है। अब तक स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांव में टीमों को भेजना मुनासिब नहीं समझा है।
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