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उल्टी दस्त से एक मासूम की मौत
Hamirpur
Updated Fri, 10 Oct 2014 05:33 AM IST
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मौदहा (हमीरपुर)। केन नदी का दूषित जल पीने से बक्छा गांव के लोग बीमार हो गए हैं। बुधवार रात एक मासूम की अस्पताल लाते समय रास्ते में मौत हो गई। वहीं दो दर्जन लोग कसबे के सरकारी अस्पताल और निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने से चिकित्सकों की टीम गांव पहुंची है।
पेयजल योजना फेल है। हैंडपंपों से खारा पानी निकलता है। मजबूरी वश गांव के लोग केन नदी के जल से प्यास बुझा रहे है। बांदा से होकर गुजरने वाली केन नदी में मौजूदा समय मेें चार दिन बदबूदार पानी आ रहा है। इस पानी को पीकर लोग बीमार हो रहे हैं। ज्यादातर लोग उल्टी दस्त से पीड़ित हैं। बीते सोमवार को दूषित जल पीने से लोग बीमार होना शुरू हुए लेकिन लोग झोलाछाप से इलाज कराते रहे। वहीं सिसोलर के सरकारी अस्पताल में काशीप्रसाद का पुत्र मिलन (9) पुत्री प्रतिज्ञा ( 4) और रामदीन का पुत्र अंकित (4) डायरिया से प्रभावित मरीजों का फार्मासिस्ट डा.अजय शिवहरे ने प्राथमिक उपचार किया। अंकित की हालत गंभीर होने पर परिजनों से मौदहा के अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। लेकिन परिजन उसे अगले दिन दिखाने को कह गांव ले गए। गांव पहुंचते ही बालक की हालत खराब हो गई। परिजन उसे कसबे के सरकारी अस्पताल ला रहे थे लेकिन उसकी रास्ते में ही मौत हो गई। बीते बुधवार की शाम से गुरुवार सुबह तक सुरेश का पुत्र आशीष (8) दूसरा पुत्र सतीश (3) व पुत्री प्रियांशी (5), राकेश का पुत्र शिवा (3), मुन्नीलाल की पुत्री सुधा (10), माया (10) पुत्री राजू, मिलन (7) व प्रतिमा (5) पुत्र काशी, ज्योति (2) पुत्री राजू, पच्ची (60) पत्नी भदैया, रुकमिन (62) पत्नी रंजीत, मुन्नी (45) पत्नी जगदेव, रामप्यारी (35) पत्नी रामदास कसबे के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रधान जगतपाल सिंह ने बताया कि वह मंगलवार को नदी में नहाने गया था। नदी के दूषित पानी से बीमारी फैली। इसके बावजूद लोग मजबूरी में ये पानी पी रहे हैं। पेयजल के लिए 16 साल पूर्व बनाई गई योजना एक बूंद पानी नहीं पिला सकी है।
गांव में बांटी क्लोरीन की गोलियां
मौदहा। बक्छा गांव में व्यापक रूप से डायरिया फैलने की सूचना पर उपजिलाधिकारी रामयश गौतम गुरुवार देर शाम गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने उनसे नदी में दूषित पानी आने से डायरिया फैलने की जानकारी दी और शुद्ध पानी की मांग की। बक्छा गांव में दर्जनों लोगों को डायरिया का शिकार होने पर सुबह ही अधीक्षक डा.अनिल सचान के नेतृत्व में चिकित्सीय दल पहुंचा। चिकित्सकों के अनुसार 13 ऐसे बच्चों का इलाज शुरू किया गया। जिनमें किसी को उल्टी, तो किसी दस्त आ रहे थे। अधीक्षक ने बताया कि 3 हजार से अधिक संख्या में क्लोरीन की गोलियां व अन्य दवायें वितरित की गई। वहीं पुन: देर शाम उपजिलाधिकारी व अस्पताल के अधीक्षक बक्छा गांव पहुंचे हैं।
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पेयजल योजना फेल है। हैंडपंपों से खारा पानी निकलता है। मजबूरी वश गांव के लोग केन नदी के जल से प्यास बुझा रहे है। बांदा से होकर गुजरने वाली केन नदी में मौजूदा समय मेें चार दिन बदबूदार पानी आ रहा है। इस पानी को पीकर लोग बीमार हो रहे हैं। ज्यादातर लोग उल्टी दस्त से पीड़ित हैं। बीते सोमवार को दूषित जल पीने से लोग बीमार होना शुरू हुए लेकिन लोग झोलाछाप से इलाज कराते रहे। वहीं सिसोलर के सरकारी अस्पताल में काशीप्रसाद का पुत्र मिलन (9) पुत्री प्रतिज्ञा ( 4) और रामदीन का पुत्र अंकित (4) डायरिया से प्रभावित मरीजों का फार्मासिस्ट डा.अजय शिवहरे ने प्राथमिक उपचार किया। अंकित की हालत गंभीर होने पर परिजनों से मौदहा के अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। लेकिन परिजन उसे अगले दिन दिखाने को कह गांव ले गए। गांव पहुंचते ही बालक की हालत खराब हो गई। परिजन उसे कसबे के सरकारी अस्पताल ला रहे थे लेकिन उसकी रास्ते में ही मौत हो गई। बीते बुधवार की शाम से गुरुवार सुबह तक सुरेश का पुत्र आशीष (8) दूसरा पुत्र सतीश (3) व पुत्री प्रियांशी (5), राकेश का पुत्र शिवा (3), मुन्नीलाल की पुत्री सुधा (10), माया (10) पुत्री राजू, मिलन (7) व प्रतिमा (5) पुत्र काशी, ज्योति (2) पुत्री राजू, पच्ची (60) पत्नी भदैया, रुकमिन (62) पत्नी रंजीत, मुन्नी (45) पत्नी जगदेव, रामप्यारी (35) पत्नी रामदास कसबे के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रधान जगतपाल सिंह ने बताया कि वह मंगलवार को नदी में नहाने गया था। नदी के दूषित पानी से बीमारी फैली। इसके बावजूद लोग मजबूरी में ये पानी पी रहे हैं। पेयजल के लिए 16 साल पूर्व बनाई गई योजना एक बूंद पानी नहीं पिला सकी है।
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गांव में बांटी क्लोरीन की गोलियां
मौदहा। बक्छा गांव में व्यापक रूप से डायरिया फैलने की सूचना पर उपजिलाधिकारी रामयश गौतम गुरुवार देर शाम गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने उनसे नदी में दूषित पानी आने से डायरिया फैलने की जानकारी दी और शुद्ध पानी की मांग की। बक्छा गांव में दर्जनों लोगों को डायरिया का शिकार होने पर सुबह ही अधीक्षक डा.अनिल सचान के नेतृत्व में चिकित्सीय दल पहुंचा। चिकित्सकों के अनुसार 13 ऐसे बच्चों का इलाज शुरू किया गया। जिनमें किसी को उल्टी, तो किसी दस्त आ रहे थे। अधीक्षक ने बताया कि 3 हजार से अधिक संख्या में क्लोरीन की गोलियां व अन्य दवायें वितरित की गई। वहीं पुन: देर शाम उपजिलाधिकारी व अस्पताल के अधीक्षक बक्छा गांव पहुंचे हैं।
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