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जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर, इमरजेंसी सेवा ठप
Gorakhpur
Updated Sun, 02 Mar 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। कानपुर के हैलट अस्पताल में हुई घटना से नाराज गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर भी शनिवार की शाम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इसके चलते इमरजेंसी सेवा ठप हो गई। डॉक्टरों ने कहा कि दोषी विधायक व उसके सहयोगी की गिरफ्तारी तथा डॉक्टरों के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार करने वाली पुलिस पर कार्रवाई होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
कानपुर से आई सूचना केबाद हड़ताल को लेकर शाम चार बजे से ही जूनियर डॉक्टर कॉलेज गेट पर मौजूद बाबा राघवदास की प्रतिमा के पास इकठ्ठे होने लगे। उसके बाद डॉक्टरों ने मीटिंग करके हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया और सूचना के तौर पर प्राचार्य दफ्तर को एक पत्र रिसीव करा दिया। जब यह जानकारी प्राचार्य प्रो. केपी कुशवाहा को मिली तो वे मौके पर पहुंच गए और डॉक्टरों को हड़ताल पर न करने के लिए समझाने की कोशिश की। डाक्टरों ने अपने साथ होने वाले अत्याचार का हवाला दिया। उनका कहना था कि कानपुर में जिस बर्बरता से डॉक्टरों को पीटा गया है, वह निंदनीय है। इंसाफ के लिए हड़ताल का फैसला लेना पड़ा है। नाराज डॉक्टरों ने कहा कि, हमें तो यह जानना है कि किसके कहने पर पुलिस वालों ने ऐसी कार्रवाई की। कहा कि जब तक इसे लेकर शासन की ओर से दोषियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाया जाता तब तक हम न तो इमरजेंसी सेवा देंगे और न ही ओपीडी में शामिल होंगे। फिलहाल, जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने के बाद से नए मरीजों की भर्ती बंद कर दी गई है।
सीनियर डॉक्टरों की लगाई ड्यूटी
जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने के बाद प्राचार्य प्रो. केपी कुशवाहा ने देर शाम सीनियर डॉक्टरों के साथ बैठक की और कॉलेज में इलाज व्यवस्था सुचारु रूप से चलाने के लिए उन्हें मुस्तैद रहने को कहा। कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी नए आदेश के तहत जब तक जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे, सीनियर डॉक्टर उनकी जगह सेवा देंगे।
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काली पट्टी बांध निकाला कैंडल मार्च
कानपुर मेडिकल कॉलेज में हुई घटना के विरोध स्वरूप बीआरडी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने शनिवार की देर शाम काली पट्टी बांधकर कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान डॉक्टरों ने शासन और प्रशासन केखिलाफ जमकर नारेबाजी की। कैंडल मार्च में गौरव यादव, कर्मेश यादव, डॉ. सनी सिंह, सोमित कुमार, ब्रजेश पाल, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. कमल गुप्त, डॉ. सौरव गुप्त, आकृति बक्शी, रजा फैजान, अभिनीत गुप्त, फैजान बक्शी, डा. अजय यादव आदि शामिल रहे।
मानवता के आधार पर देखेंगे गंभीर मरीज
जूनियर डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवा में शामिल न होने का फैसला किया है लेकिन मानवता के आधार पर गंभीर मरीजों का इलाज जारी रखेंगे। डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों की सेवा उनका धर्म व कर्तव्य दोनों है। ऐसे में हड़ताल के बावजूद जीवन-मरण से जूझ रहे मरीजों को सेवा देते रहेंगे।
आईएमए के डॉक्टर भी हड़ताल पर
गोरखपुर। कानपुर मेडिकल कॉलेज में हुई घटना को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की प्रदेशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल में गोरखपुर इकाई से जुड़े डॉक्टर भी शामिल हो गए हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. वीके गुप्त और सचिव डॉ. सुधीर कुमार ने कहा कि डॉक्टरों के साथ हुआ बर्बरतापूर्ण व्यवहार बेहद शर्मनाक है। प्रदेश भर के डॉक्टर इस घटना से मर्माहत हैं। इस हड़ताल के माध्यम से हम प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि कि दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने मरीजों से भी आग्रह किया कि वे दो मार्च की सुबह से तीन मार्च को कोई चिकित्सीय सेवा न लें। केवल आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी।
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कानपुर से आई सूचना केबाद हड़ताल को लेकर शाम चार बजे से ही जूनियर डॉक्टर कॉलेज गेट पर मौजूद बाबा राघवदास की प्रतिमा के पास इकठ्ठे होने लगे। उसके बाद डॉक्टरों ने मीटिंग करके हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया और सूचना के तौर पर प्राचार्य दफ्तर को एक पत्र रिसीव करा दिया। जब यह जानकारी प्राचार्य प्रो. केपी कुशवाहा को मिली तो वे मौके पर पहुंच गए और डॉक्टरों को हड़ताल पर न करने के लिए समझाने की कोशिश की। डाक्टरों ने अपने साथ होने वाले अत्याचार का हवाला दिया। उनका कहना था कि कानपुर में जिस बर्बरता से डॉक्टरों को पीटा गया है, वह निंदनीय है। इंसाफ के लिए हड़ताल का फैसला लेना पड़ा है। नाराज डॉक्टरों ने कहा कि, हमें तो यह जानना है कि किसके कहने पर पुलिस वालों ने ऐसी कार्रवाई की। कहा कि जब तक इसे लेकर शासन की ओर से दोषियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाया जाता तब तक हम न तो इमरजेंसी सेवा देंगे और न ही ओपीडी में शामिल होंगे। फिलहाल, जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने के बाद से नए मरीजों की भर्ती बंद कर दी गई है।
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सीनियर डॉक्टरों की लगाई ड्यूटी
जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने के बाद प्राचार्य प्रो. केपी कुशवाहा ने देर शाम सीनियर डॉक्टरों के साथ बैठक की और कॉलेज में इलाज व्यवस्था सुचारु रूप से चलाने के लिए उन्हें मुस्तैद रहने को कहा। कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी नए आदेश के तहत जब तक जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे, सीनियर डॉक्टर उनकी जगह सेवा देंगे।
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काली पट्टी बांध निकाला कैंडल मार्च
कानपुर मेडिकल कॉलेज में हुई घटना के विरोध स्वरूप बीआरडी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने शनिवार की देर शाम काली पट्टी बांधकर कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान डॉक्टरों ने शासन और प्रशासन केखिलाफ जमकर नारेबाजी की। कैंडल मार्च में गौरव यादव, कर्मेश यादव, डॉ. सनी सिंह, सोमित कुमार, ब्रजेश पाल, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. कमल गुप्त, डॉ. सौरव गुप्त, आकृति बक्शी, रजा फैजान, अभिनीत गुप्त, फैजान बक्शी, डा. अजय यादव आदि शामिल रहे।
मानवता के आधार पर देखेंगे गंभीर मरीज
जूनियर डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवा में शामिल न होने का फैसला किया है लेकिन मानवता के आधार पर गंभीर मरीजों का इलाज जारी रखेंगे। डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों की सेवा उनका धर्म व कर्तव्य दोनों है। ऐसे में हड़ताल के बावजूद जीवन-मरण से जूझ रहे मरीजों को सेवा देते रहेंगे।
आईएमए के डॉक्टर भी हड़ताल पर
गोरखपुर। कानपुर मेडिकल कॉलेज में हुई घटना को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की प्रदेशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल में गोरखपुर इकाई से जुड़े डॉक्टर भी शामिल हो गए हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. वीके गुप्त और सचिव डॉ. सुधीर कुमार ने कहा कि डॉक्टरों के साथ हुआ बर्बरतापूर्ण व्यवहार बेहद शर्मनाक है। प्रदेश भर के डॉक्टर इस घटना से मर्माहत हैं। इस हड़ताल के माध्यम से हम प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि कि दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने मरीजों से भी आग्रह किया कि वे दो मार्च की सुबह से तीन मार्च को कोई चिकित्सीय सेवा न लें। केवल आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी।