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आडवाणी के इस्तीफे के युवाओं के लिए ये हैं मायने
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jun 2013 02:07 AM IST
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लालकृष्ण आडवाणी के इस्तीफे के युवाओं के लिए क्या मायने हैं, राजनीतिक विश्लेषकों की इस पर अलग राय है।
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राजनीतिक विश्लेषक अश्विनी महापात्र का मानना है कि लालकृष्ण आडवाणी के इस्तीफे का असर युवाओं पर ज्यादा नहीं दिखेगा।
इसकी बड़ी वजह नरेंद्र मोदी की संवाद शैली व उनका इंटरनेट फ्रेंडली होना है। दोनों चीजें युवाओं के पक्ष में जाती हैं। इसकी एक बानगी श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में मोदी के संबोधन के दौरान दिखी थी।
उन्होंने कहा कि मोदी की शैली युवाओं को पार्टी की तरफ आकर्षित करने में मददगार होगी। आज का युवा देश के नेतृत्व से निराश है।
केंद्र सरकार में लीडरशिप की कमी है। युवाओं को मोदी से थोड़ी आश है।
युवा ज्यादातर समय इंटरनेट पर बिताता है। उसकी अपनी जरूरतें भी हैं। इसमें प्राथमिकता रोजगार है। युवाओं के इस पैमाने पर अगर मोदी की तुलना की जाए तो मोदीलाइव.काम पर नरेंद्र मोदी के भाषण ऑनलाइन रहते हैं।
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वहीं, गूगल हैंगआउट व ट्विटर जैसी सोशल साइट्स से भी उनका जुड़ाव जगजाहिर है।