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बेटा चला गया, सम्मान भी नहीं मिला
Bijnor
Updated Sat, 29 Sep 2012 12:00 PM IST
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नूरपुर। सेना में प्रशिक्षण के दौरान गांव चेलापुर निवासी युवक की वहां हुई मौत के बाद सेना ने कोई आर्थिक मदद नहीं दी। इसके साथ ही शव के साथ सेना का कोई अधिकारी भी नहीं आया। इस बात से परिजन भड़क गए। उनका कहना था कि युवक का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाए और मुआवजा भी दिलाया जाए। इस मांग को लेकर मुरादाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। सीओ चांदपुर ने ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीणों ने मांग माने जाने तक जाम खोलने से मना कर दिया। चार घंटे तक चले जाम के बाद पुलिस ने लाठियां फटकारकर जाम खुलवाया।
गांव चेलापुर निवासी शौनाथ सिंह के पुत्र कुंभकर्ण का चयन सेना की आरईसीटी रैंक में हुआ था। छह माह पूर्व वह प्रशिक्षण के लिए अहमदनगर (महाराष्ट्र) गया था। परिजनों के मुताबिक सोमवार को प्रशिक्षण केंद्र से कुंभकर्ण के बीमार होने की सूचना मिली थी। सोमवार को ही छोटा भाई भीम सिंह उसे देखने महाराष्ट्र चला गया। वहां जाकर पता लगा कि कुंभकर्ण की मौत हो गई है। सेना के अधिकारियों ने मौत का कोई कारण भी नहीं बताया। पोस्टमार्टम आदि कराने के बाद शुक्रवार की सुबह भीमसिंह भाई का शव लेकर गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। शव को सम्मानजनक ढंग से न भिजवाने, साथ में सेना के किसी जवान के न आने से परिजनों में रोष फैल गया। उन्होंने शव को एबुलेंस से नहीं उतारा। उसे मुरादाबाद मार्ग पर खड़ी कर जाम लगा दिया। परिजन शव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराने और शासन से मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे थे। जाम की सूचना पर चांदपुर सीओ वीके सिंह व थानाध्यक्ष दिनेश सिंह यादव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया। ग्रामीणों ने मांगे माने जाने तक जाम खोलने से मना कर दिया। चार घंटे चले जाम के बाद पुलिस ने सड़क पर लाठियां फटकार कर भीड़ को खदेड़ दिया। पुलिस कार्रवाई से उत्तेजित ग्रामीणों ने फिर जाम लगा दिया। कुछ देर बाद खुद ही जाम खोल दिया। जाम लगाने वालों में विपिन यादव, दिलवर सिंह, पतराम सिंह, बलराम, ब्रह्मसिंह, नरेश, जितेंद्र, सुंदर, गीता देवी, संगीता देवी, किरन देवी, रेखा, सरोज, आदि शामिल रहे। सीओ बी के सिंह का कहना है कि मृत सैनिक के शव को लकर जाम लगाने वालों को समझाबुझा कर हटाया गया है। कोई लाठी नहीं फटकारी गई।
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गांव चेलापुर निवासी शौनाथ सिंह के पुत्र कुंभकर्ण का चयन सेना की आरईसीटी रैंक में हुआ था। छह माह पूर्व वह प्रशिक्षण के लिए अहमदनगर (महाराष्ट्र) गया था। परिजनों के मुताबिक सोमवार को प्रशिक्षण केंद्र से कुंभकर्ण के बीमार होने की सूचना मिली थी। सोमवार को ही छोटा भाई भीम सिंह उसे देखने महाराष्ट्र चला गया। वहां जाकर पता लगा कि कुंभकर्ण की मौत हो गई है। सेना के अधिकारियों ने मौत का कोई कारण भी नहीं बताया। पोस्टमार्टम आदि कराने के बाद शुक्रवार की सुबह भीमसिंह भाई का शव लेकर गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। शव को सम्मानजनक ढंग से न भिजवाने, साथ में सेना के किसी जवान के न आने से परिजनों में रोष फैल गया। उन्होंने शव को एबुलेंस से नहीं उतारा। उसे मुरादाबाद मार्ग पर खड़ी कर जाम लगा दिया। परिजन शव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराने और शासन से मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे थे। जाम की सूचना पर चांदपुर सीओ वीके सिंह व थानाध्यक्ष दिनेश सिंह यादव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया। ग्रामीणों ने मांगे माने जाने तक जाम खोलने से मना कर दिया। चार घंटे चले जाम के बाद पुलिस ने सड़क पर लाठियां फटकार कर भीड़ को खदेड़ दिया। पुलिस कार्रवाई से उत्तेजित ग्रामीणों ने फिर जाम लगा दिया। कुछ देर बाद खुद ही जाम खोल दिया। जाम लगाने वालों में विपिन यादव, दिलवर सिंह, पतराम सिंह, बलराम, ब्रह्मसिंह, नरेश, जितेंद्र, सुंदर, गीता देवी, संगीता देवी, किरन देवी, रेखा, सरोज, आदि शामिल रहे। सीओ बी के सिंह का कहना है कि मृत सैनिक के शव को लकर जाम लगाने वालों को समझाबुझा कर हटाया गया है। कोई लाठी नहीं फटकारी गई।
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