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अटरिया में डायरिया से बच्ची की मौत, कई बीमार
Bareilly
Updated Sun, 22 Jun 2014 05:33 AM IST
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बरेली। सीबीगंज के गांव अटारिया में प्रदूषित पानी से महामारी फैल गई है। इससे एक बच्ची की मौत हो गई और दो दर्जन लोग बीमार हैं। गांव में दहशत है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव का दौरा करके बीमार लोगों का हालचाल लिया।
डायरिया और उल्टी जैसी बीमारी चार दिन पहले गांव में शुरू हुई। लोग बीमार होने लगे। मुकेश सागर की डेढ़ साल की बच्ची कोमल की बुधवार को मौत हो गई। इसके बाद से करीब दो दर्जन से ज्यादा लोग बीमार चल रहे हैं। इनमें से कई निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। बाकी दवा लेकर काम चला रहे हैं। एक-एक परिवार में तीन-तीन लोग तक बीमार हुए हैं। शुक्रवार को इस मामले की शिकायत गांव में रहने वाले भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पूरनलाल लोधी ने नगर आयुक्त और सीएमओ से की। वह गांव के लोगों के साथ दोनों अधिकारियों से मिले तो दोपहर में सीएमओ ने स्वास्थ्य विभाग की टीम डॉक्टर डीपी सिंह की नेतृत्व में अटरिया भेजी। टीम ने बीमार लोगों के हालचाल लिए। कुछ के रक्त के नमूने भी लिए गए। हालांकि अभी तक यह टीम डायरिया के कारण के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है लेकिन गांव में फैली गंदगी और प्रदूषित पानी को इसका कारण मान रही है।
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यह हैं बीमार
रूबी, तराना, डौली, शाहिरा, फातिमा, आनंदी, कंचन, प्रीति, नितिन, कंचन, गुड़िया, गोविंद राम, सुनीता, बीना, बबली, रूपवती, शीतल, कुमकुम, छत्रपाल, सुहेल, रमा, रेखा।
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टंकियों में आ रहा है गंदा पानी
चूंकि यह गांव नगर निगम का हिस्सा है इसलिए यहां निगम से पानी की सप्लाई होती है। घरों में लगी टंकियों से गंदा पानी आने की शिकायत गांव वालों ने की है। उनका कहना है कि कई दिनों से टंकियों में बेहद गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। यहां लगे एक हैंडपंप का पानी भी ठीक नहीं आता है। ग्रामीणों का मानना है कि पानी ठीक न होने से लोग बीमार हुए हैं।
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गांव के पास में है डिसलरी फैक्ट्री
अटरिया गांव में पास की ही एक डिस्टिलरी फैक्ट्री से प्रदूषित पानी छोड़ा जाता है, जो गांव के तालाबों और गड्ढों में भर जाता है। गांव में महामारी फैलने का यह बड़ा कारण समझा जा रहा है। इलाके में वर्ष 2002 में भी यही रोग फैला था और तब करीब आधा दर्जन लोगों की मौत हो गई थी।
कोट
बच्ची की मौत की वजह दस्त नहीं थी लेेकिन इलाके में ऐहतियातन सतर्कता बरतते हुए सैंपलिंग के निर्देश जारी हुए है। घरों और स्कूलों में जाकर पानी और खानपान के सामान के नमूने भरे जाएंगे। छोटे हैंडपंप के पानी के नमूने जलकल विभाग की टीम लेगी।
डॉ. विजय यादव सीएमओ
‘नगर स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल टीम भेजकर इलाके की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। डायरिया पीड़ितों के इलाज को डाक्टरों की टीम भी भेजने को कहा गया है।
- शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त
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डायरिया और उल्टी जैसी बीमारी चार दिन पहले गांव में शुरू हुई। लोग बीमार होने लगे। मुकेश सागर की डेढ़ साल की बच्ची कोमल की बुधवार को मौत हो गई। इसके बाद से करीब दो दर्जन से ज्यादा लोग बीमार चल रहे हैं। इनमें से कई निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। बाकी दवा लेकर काम चला रहे हैं। एक-एक परिवार में तीन-तीन लोग तक बीमार हुए हैं। शुक्रवार को इस मामले की शिकायत गांव में रहने वाले भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पूरनलाल लोधी ने नगर आयुक्त और सीएमओ से की। वह गांव के लोगों के साथ दोनों अधिकारियों से मिले तो दोपहर में सीएमओ ने स्वास्थ्य विभाग की टीम डॉक्टर डीपी सिंह की नेतृत्व में अटरिया भेजी। टीम ने बीमार लोगों के हालचाल लिए। कुछ के रक्त के नमूने भी लिए गए। हालांकि अभी तक यह टीम डायरिया के कारण के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है लेकिन गांव में फैली गंदगी और प्रदूषित पानी को इसका कारण मान रही है।
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यह हैं बीमार
रूबी, तराना, डौली, शाहिरा, फातिमा, आनंदी, कंचन, प्रीति, नितिन, कंचन, गुड़िया, गोविंद राम, सुनीता, बीना, बबली, रूपवती, शीतल, कुमकुम, छत्रपाल, सुहेल, रमा, रेखा।
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टंकियों में आ रहा है गंदा पानी
चूंकि यह गांव नगर निगम का हिस्सा है इसलिए यहां निगम से पानी की सप्लाई होती है। घरों में लगी टंकियों से गंदा पानी आने की शिकायत गांव वालों ने की है। उनका कहना है कि कई दिनों से टंकियों में बेहद गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। यहां लगे एक हैंडपंप का पानी भी ठीक नहीं आता है। ग्रामीणों का मानना है कि पानी ठीक न होने से लोग बीमार हुए हैं।
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गांव के पास में है डिसलरी फैक्ट्री
अटरिया गांव में पास की ही एक डिस्टिलरी फैक्ट्री से प्रदूषित पानी छोड़ा जाता है, जो गांव के तालाबों और गड्ढों में भर जाता है। गांव में महामारी फैलने का यह बड़ा कारण समझा जा रहा है। इलाके में वर्ष 2002 में भी यही रोग फैला था और तब करीब आधा दर्जन लोगों की मौत हो गई थी।
कोट
बच्ची की मौत की वजह दस्त नहीं थी लेेकिन इलाके में ऐहतियातन सतर्कता बरतते हुए सैंपलिंग के निर्देश जारी हुए है। घरों और स्कूलों में जाकर पानी और खानपान के सामान के नमूने भरे जाएंगे। छोटे हैंडपंप के पानी के नमूने जलकल विभाग की टीम लेगी।
डॉ. विजय यादव सीएमओ
‘नगर स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल टीम भेजकर इलाके की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। डायरिया पीड़ितों के इलाज को डाक्टरों की टीम भी भेजने को कहा गया है।
- शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त