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बलात्कार के प्रयास में चार लोग नामजद
Azamgarh
Updated Sun, 19 May 2013 05:30 AM IST
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आजमगढ़। तरवां थाने में शुक्रवार को एक महिला ने पट्टीदारों के विरुद्ध मारने पीटने और बलात्कार का प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई। महिला की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज किया। लेकिन जांच के दौरान मामला फर्जी पाया गया। मेडिकल जांच में भी बलात्कार के प्रयास की पुष्टि नहीं हुई।
तरवां थाने के एक गांव की रहने वाली महिला ने पुलिस को बताया कि बीते सात मई 2013 की रात उसके पट्टीदार उसके घर पर बुरी मंशा लेकर पहुंचे। जब विरोध किया तो उसे मारापीटा गया। साथ ही उसके शरीर में लाठी डाल दी। इससे वह बेहोश हो गई। पीड़िता के अनुसार उसने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने को आठ मई 2013 को तहरीर दी थी। जिसमें पीड़िता ने अपने पट्टीदार विनोद पुत्र नगीना, त्रिभुवन पुत्र रामानंद, शिवलोचन व नगीना पुत्र लग्गन को नामजद किया है। जबकि संपर्क करने पर थानाध्यक्ष तरवंा अनिल त्रिपाठी ने बताया कि महिला के द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की थी। लेकिन जांच के दौरान पाया गया कि महिला के पति की दिमागी हालत ठीक नहीं है। इसक्रम में वह बीते चार मई को घर से टार्च लेकर निकला लेकिन रास्ते में कही छोड़ दिया।
घर लौटने पर पत्नी ने उससे टार्च के बारे में पूछा। इस पर महिला का पति टार्च पट्टीदार के घर छोड़ने की बात कही। साथ ही टार्च लेने के लिए चला गया। लेकिन पट्टीदारों का कहना है कि उसने टार्च उनके यहां नहीं छोड़ी है। इसके बाद भी महिला पट्टीदारों को नित्य शाम को गाली देने लगी थी।
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सात मई की रात को भी महिला पट्टीदारों को गाली दे रही थी। इस पर पट्टीदारों से उसकी मारपीट हुई थी। इसको लेकर महिला ने मनगढ़ंत कहानी बनाकर पट्टीदारों के विरुद्ध इस तरह का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। एसओ की मानें तो मेडिकल मुआयने में भी महिला के द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
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तरवां थाने के एक गांव की रहने वाली महिला ने पुलिस को बताया कि बीते सात मई 2013 की रात उसके पट्टीदार उसके घर पर बुरी मंशा लेकर पहुंचे। जब विरोध किया तो उसे मारापीटा गया। साथ ही उसके शरीर में लाठी डाल दी। इससे वह बेहोश हो गई। पीड़िता के अनुसार उसने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने को आठ मई 2013 को तहरीर दी थी। जिसमें पीड़िता ने अपने पट्टीदार विनोद पुत्र नगीना, त्रिभुवन पुत्र रामानंद, शिवलोचन व नगीना पुत्र लग्गन को नामजद किया है। जबकि संपर्क करने पर थानाध्यक्ष तरवंा अनिल त्रिपाठी ने बताया कि महिला के द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की थी। लेकिन जांच के दौरान पाया गया कि महिला के पति की दिमागी हालत ठीक नहीं है। इसक्रम में वह बीते चार मई को घर से टार्च लेकर निकला लेकिन रास्ते में कही छोड़ दिया।
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घर लौटने पर पत्नी ने उससे टार्च के बारे में पूछा। इस पर महिला का पति टार्च पट्टीदार के घर छोड़ने की बात कही। साथ ही टार्च लेने के लिए चला गया। लेकिन पट्टीदारों का कहना है कि उसने टार्च उनके यहां नहीं छोड़ी है। इसके बाद भी महिला पट्टीदारों को नित्य शाम को गाली देने लगी थी।
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सात मई की रात को भी महिला पट्टीदारों को गाली दे रही थी। इस पर पट्टीदारों से उसकी मारपीट हुई थी। इसको लेकर महिला ने मनगढ़ंत कहानी बनाकर पट्टीदारों के विरुद्ध इस तरह का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। एसओ की मानें तो मेडिकल मुआयने में भी महिला के द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।