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जागरूकता से एड्स पर रोकथाम की कवायद तेज
Azamgarh
Updated Fri, 17 May 2013 05:30 AM IST
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आजमगढ़। जिले में एड्स पीड़ितों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि केवल तीन माह में ही 276 रोगी जिलाअस्पताल के एआरटी सेंटर में पंजीकृत किए गए। जिले में अबतक 1660 एचआईवी पाजीटिव केस मिल चुके हैं। बढ़ती एड्स रोगियों की संख्या को देखते हुए एआरटी सेंटर ने इलाज के साथ जागरूकता फैलानी की कमान संभाली है।
जिले में एआरटी सेंटर की स्थापना नवंबर 2011 में की गई। साल भर में कुल 1384 रोगी पंजीकृत किए गए। 2013 में बीत मात्र तीन माह में 276 एड्स रोगी और बढ़ गए। एआरटी सेंटर के परामर्शदाता ओमप्रकाश व पूनम मालवीय की मानें तो पूरे जिले में एड्स रोगियों के मामले में सबसे संवेदनशील निजामाबाद, मेंहनगर व कंधरापुर क्षेत्र हैं। इस क्षेत्र के ज्यादातर लोग मुंबई व अन्य प्रांतों में ट्रक चालक हैं। यही लोग एड्स के वाहक हैं। इसका खामियाजा यह होता है कि पूरा परिवार एड्स के चपेट में आ जाता है। ऐसे में एआरटी सेंटर लोगों को इलाज के साथ जागरूक भी कर रहा है। एआरटी सेंटर का नोडल अफसर वरिष्ठ फिजीशियन डा. एके मिश्रा को बनाया गया है। डा. एसके मिश्रा ने बताया कि विदेश की टीम आकर संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों को जागरूक कर रही है। इसी जागरूकता का परिणाम है कि आज एड्स के कुल 1660 रोगियों का उपचार एआरटी सेंटर से हो रहा है।
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जिले में एआरटी सेंटर की स्थापना नवंबर 2011 में की गई। साल भर में कुल 1384 रोगी पंजीकृत किए गए। 2013 में बीत मात्र तीन माह में 276 एड्स रोगी और बढ़ गए। एआरटी सेंटर के परामर्शदाता ओमप्रकाश व पूनम मालवीय की मानें तो पूरे जिले में एड्स रोगियों के मामले में सबसे संवेदनशील निजामाबाद, मेंहनगर व कंधरापुर क्षेत्र हैं। इस क्षेत्र के ज्यादातर लोग मुंबई व अन्य प्रांतों में ट्रक चालक हैं। यही लोग एड्स के वाहक हैं। इसका खामियाजा यह होता है कि पूरा परिवार एड्स के चपेट में आ जाता है। ऐसे में एआरटी सेंटर लोगों को इलाज के साथ जागरूक भी कर रहा है। एआरटी सेंटर का नोडल अफसर वरिष्ठ फिजीशियन डा. एके मिश्रा को बनाया गया है। डा. एसके मिश्रा ने बताया कि विदेश की टीम आकर संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों को जागरूक कर रही है। इसी जागरूकता का परिणाम है कि आज एड्स के कुल 1660 रोगियों का उपचार एआरटी सेंटर से हो रहा है।
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