{"_id":"56-97056","slug":"Azamgarh-97056-56","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला की चौपाल में उमड़े फरियादी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमर उजाला की चौपाल में उमड़े फरियादी
Azamgarh
Updated Thu, 16 May 2013 05:30 AM IST
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फूलपुर,मेजवां। फूलपुर तहसील मुख्यालय पर डा.लोहिया बालिका इंटर कालेज परिसर में बुधवार को ‘अमर उजाला’ की तरफ से आयोजित ‘चौपाल’ में फरियादियों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान तहसील क्षेत्र में मौजूद जर्जर सड़कें और खस्ताहाल बिजली व्यवस्था का दर्द देखने को मिला। हालांकि संवाद के दौरान विधायक फूलपुर श्यामबहादुर यादव ने अपने उत्तरों से लोगों को आश्वस्त किया। लेकिन बिजली समस्या को दूर करने के बाबत विधायक भी लोगाें से क्षमा मांगी। बोले बरवक्त की यह सबसे विकट समस्या है। इस समस्या के निदान के लिए प्रदेश के मुखिया भी जुटे हैं। इस दौरान गरीबों ने लचर स्वास्थ्य सेवा और लाल कार्ड, सरकारी आवास को लेकर बेबाक हो कर आवाज उठाई। चौपाल में फरियादियों को सुन रहे सत्तारूढ़ दल के विधायक श्यामबहादुर यादव फूलपुर समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की लचर व्यवस्था पर उबल पड़े। जबकि बिजली विभाग के अधिकारी चौपाल से गायब रहे।
चौपाल में सर्वाधिक समस्याएं बिजली, रोड को लेकर रहीं। फूलपुर के बाबू अंसारी ने सरायमीर से फूलपुर तक के जर्जर रोड की समस्या को उठाया। इस पर विधायक ने मई माह के अंत तक कार्य शुरू होने का आश्वासन दिया। बोले जनता के साथ-साथ यह सड़क उनके लिए भी समस्या का सबब थी। विधायक बनने के बाद पहला इस सड़क के मरम्मत के लिए किया। इसक्रम में शासन से 9.46 करोड़ स्वीकृत हो चुके हैं। विधायक के इस उत्तर के बाद फूलपुर बाजार के निवासी शकील अहमद ने भी जर्जर सड़क के मुद्दे को उठाया।
बोले यदि निर्माण शुरू नहीं हुआ तो एक जून 2013 को वे लोग पुन: धरने पर बैठने के लिए विवश होंगे। इसके अलावा तहसील क्षेत्र में मौजूद अन्य सड़कों का भी मुद्दा छाया रहा। ग्राम प्रधान सुधीर राय ने क्षेत्र में ध्वस्त बिजली व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि गर्मी के दो महीने कटना मुश्किल होगा। इस प्रश्न का सामना विधायक ने किया, बोले बिजली की समस्या को दूर करने के लिए उनकी सरकार ने बीते कार्यकाल में कुछ योजनाओं को शुरू किया था। लेकिन बीती सरकार ने उसे बंद करा दिया। इसका परिणाम है कि आबादी तो बढ़ी लेकिन बिजली उत्पाद पुराना ही रह गया। अब सपा सरकार पुन: योजनाओं को मूर्तरूप देने में जुटी है। इसको पूरा होने में कम से कम दो वर्ष का समय लगेगा।
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तभी इस समस्या का हल निकाला जा सकता है। समाजसेविका अनीता यादव ने फूलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बंद पड़ी अल्ट्रासाउंड और एक्सरे मशीन के मुद्दे को उठाया बोली इन मशीनों के बंद रहने से गरीबों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को सुन चौपाल में उपस्थित सीएचसी प्रभारी डा. आरआर श्रीवास्तव पर विधायक श्यामबहादुर यादव उबल पड़े। वे इस समस्या के बाबत चिकित्सा प्रभारी से रिपोर्ट मांगी और साथ ही चेतावनी दी। फूलपुर देहात गांव की सावित्री अपने बीमार बेटे की व्यथा सुनाते ही रो पड़ी।
उसका बेटा दीमागी टीबी से ग्रसित है। सरकारी अस्पताल पर सिटी स्कैन की सुविधा नहीं मिल पाती। सावित्री को बच्चे के इलाज के साथ ही लालकार्ड की भी दरकार है। फूलपुर कस्बे की कंचन सोनकर ठेला लगा कर आजीविका चलाती है। लाल कार्ड और रहने के लिए जमीन तक नहीं है। यही हाल रविंद्र बिंद और चंद्रप्रजापति की है। दोनों ने लालकार्ड का रोना रोया। मेजवां कन्या विद्यालय के अध्यापक जितेंद्र मिश्रा को विद्यालय में छात्रों की प्यास बुझाने के लिए हैंडपंप की दरकार है। अंबारी के पूर्व प्रधान कृष्ण कुमार यादव ने अंबारी रेलवे स्टेशन मार्ग की दुर्दशा को उठाया और सवाल किया कि इस रोड का मालिक कौन है।
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चौपाल में सर्वाधिक समस्याएं बिजली, रोड को लेकर रहीं। फूलपुर के बाबू अंसारी ने सरायमीर से फूलपुर तक के जर्जर रोड की समस्या को उठाया। इस पर विधायक ने मई माह के अंत तक कार्य शुरू होने का आश्वासन दिया। बोले जनता के साथ-साथ यह सड़क उनके लिए भी समस्या का सबब थी। विधायक बनने के बाद पहला इस सड़क के मरम्मत के लिए किया। इसक्रम में शासन से 9.46 करोड़ स्वीकृत हो चुके हैं। विधायक के इस उत्तर के बाद फूलपुर बाजार के निवासी शकील अहमद ने भी जर्जर सड़क के मुद्दे को उठाया।
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बोले यदि निर्माण शुरू नहीं हुआ तो एक जून 2013 को वे लोग पुन: धरने पर बैठने के लिए विवश होंगे। इसके अलावा तहसील क्षेत्र में मौजूद अन्य सड़कों का भी मुद्दा छाया रहा। ग्राम प्रधान सुधीर राय ने क्षेत्र में ध्वस्त बिजली व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि गर्मी के दो महीने कटना मुश्किल होगा। इस प्रश्न का सामना विधायक ने किया, बोले बिजली की समस्या को दूर करने के लिए उनकी सरकार ने बीते कार्यकाल में कुछ योजनाओं को शुरू किया था। लेकिन बीती सरकार ने उसे बंद करा दिया। इसका परिणाम है कि आबादी तो बढ़ी लेकिन बिजली उत्पाद पुराना ही रह गया। अब सपा सरकार पुन: योजनाओं को मूर्तरूप देने में जुटी है। इसको पूरा होने में कम से कम दो वर्ष का समय लगेगा।
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तभी इस समस्या का हल निकाला जा सकता है। समाजसेविका अनीता यादव ने फूलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बंद पड़ी अल्ट्रासाउंड और एक्सरे मशीन के मुद्दे को उठाया बोली इन मशीनों के बंद रहने से गरीबों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को सुन चौपाल में उपस्थित सीएचसी प्रभारी डा. आरआर श्रीवास्तव पर विधायक श्यामबहादुर यादव उबल पड़े। वे इस समस्या के बाबत चिकित्सा प्रभारी से रिपोर्ट मांगी और साथ ही चेतावनी दी। फूलपुर देहात गांव की सावित्री अपने बीमार बेटे की व्यथा सुनाते ही रो पड़ी।
उसका बेटा दीमागी टीबी से ग्रसित है। सरकारी अस्पताल पर सिटी स्कैन की सुविधा नहीं मिल पाती। सावित्री को बच्चे के इलाज के साथ ही लालकार्ड की भी दरकार है। फूलपुर कस्बे की कंचन सोनकर ठेला लगा कर आजीविका चलाती है। लाल कार्ड और रहने के लिए जमीन तक नहीं है। यही हाल रविंद्र बिंद और चंद्रप्रजापति की है। दोनों ने लालकार्ड का रोना रोया। मेजवां कन्या विद्यालय के अध्यापक जितेंद्र मिश्रा को विद्यालय में छात्रों की प्यास बुझाने के लिए हैंडपंप की दरकार है। अंबारी के पूर्व प्रधान कृष्ण कुमार यादव ने अंबारी रेलवे स्टेशन मार्ग की दुर्दशा को उठाया और सवाल किया कि इस रोड का मालिक कौन है।