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डेंगू के चपेट में आने से छात्रा की मौत
Azamgarh
Updated Mon, 30 Jun 2014 05:31 AM IST
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मालटारी। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के सगड़ी गांव में डेंगू बुखार के चपेट में आने से 16 वर्षीया किशोरी की बुधवार की रात में मौत हो गई। डेंगू जैसे जनलेवा बीमारी से किशोरी की मौत की सूचना मिलने के बाद से सगड़ी गांव में हड़कंप मचा है। जबकि स्वास्थ्य विभाग अनभिज्ञ बना है।
जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के सगड़ी गांव निवासी रामकेवल की 16 वर्षीया पुत्री वंदना को शनिवार को अचानक बुखार आने के साथ ही पैर में दर्द होने लगा। इस पर परिवार के लोगों ने स्थानीय चिकित्सक की सलाह पर एक्सरे कराया और दवा लेकर घर चले आए। रविवार को बुखार और तेज होने पर वंदना की हालत गंभीर हो गई। हालत बिगड़ने पर परिवारवालों ने रविवार की रात में उसे आनन-फानन में नगर के एक हास्पिटल में भर्ती कराया। यहां भी हालत में सुधार न होने पर बुधवार की रात में चिकित्सकों ने रेफर कर दिया। परिजन उसे बुधवार की रात लखनऊ के पीजीआई हास्पिटल के लिए ले जा रहे थे। इस बीच रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। छात्रा का उपचार करने वाले डा. अनूप सिंह यादव ने बताया कि वंदना की जांच में डेंगू के लक्षण पाए गए थे। उसका प्लेटनेस करीब 80 हजार था। डा.अनूप ने बताया कि डेंगू के डिजिज मानसून के साथ सक्रिय हो जाते हैं। दूसरी तरफ डेंगू बुखार से वंदना की मौत होने की सूचना क्षेत्र में फैल गई। इससे ग्रामीणों में भय व्याप्त है। अजमतगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.एसएन गुप्ता ने बताया कि उन्हें डेंगू से किशोरी की मौत की जानकारी नहीं है। यदि ऐसी बात है, तो जांच कर गांव में स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। उधर, अचानक हुई किशोरी की मौत के बाद ग्रामीणों में रोष है। उनका कहना है कि यदि प्रश्ाासन संवेदनहीनता नहीं बरता रहता तो किशोरी की जान बच सकती थी। मगर विभाग इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।
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जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के सगड़ी गांव निवासी रामकेवल की 16 वर्षीया पुत्री वंदना को शनिवार को अचानक बुखार आने के साथ ही पैर में दर्द होने लगा। इस पर परिवार के लोगों ने स्थानीय चिकित्सक की सलाह पर एक्सरे कराया और दवा लेकर घर चले आए। रविवार को बुखार और तेज होने पर वंदना की हालत गंभीर हो गई। हालत बिगड़ने पर परिवारवालों ने रविवार की रात में उसे आनन-फानन में नगर के एक हास्पिटल में भर्ती कराया। यहां भी हालत में सुधार न होने पर बुधवार की रात में चिकित्सकों ने रेफर कर दिया। परिजन उसे बुधवार की रात लखनऊ के पीजीआई हास्पिटल के लिए ले जा रहे थे। इस बीच रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। छात्रा का उपचार करने वाले डा. अनूप सिंह यादव ने बताया कि वंदना की जांच में डेंगू के लक्षण पाए गए थे। उसका प्लेटनेस करीब 80 हजार था। डा.अनूप ने बताया कि डेंगू के डिजिज मानसून के साथ सक्रिय हो जाते हैं। दूसरी तरफ डेंगू बुखार से वंदना की मौत होने की सूचना क्षेत्र में फैल गई। इससे ग्रामीणों में भय व्याप्त है। अजमतगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.एसएन गुप्ता ने बताया कि उन्हें डेंगू से किशोरी की मौत की जानकारी नहीं है। यदि ऐसी बात है, तो जांच कर गांव में स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। उधर, अचानक हुई किशोरी की मौत के बाद ग्रामीणों में रोष है। उनका कहना है कि यदि प्रश्ाासन संवेदनहीनता नहीं बरता रहता तो किशोरी की जान बच सकती थी। मगर विभाग इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।
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