{"_id":"149-84238","slug":"AmbedkarNagar-84238-149","type":"story","status":"publish","title_hn":"डायरिया से बालिका की मौत, भाई-बहन गंभीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डायरिया से बालिका की मौत, भाई-बहन गंभीर
AmbedkarNagar
Updated Sun, 24 Aug 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भीटी। तहसील क्षेत्र के समंथा गांव में डायरिया पीड़ित एक बालिका की मौत हो गई। उसके भाई व बहन भी डायरिया की चपेट में हैं। घटना से क्षेत्र के लोगों में हड़कंप है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में खासा आक्रोश व्याप्त है।
समंथा गांव निवासी शालिकराम के अनुसार उसकी पुत्री वंदना (6) शुक्रवार को विद्यालय पढ़ने गई थी। अपराह्न करीब तीन बजे विद्यालय से लौटी। अचानक उसे उल्टी-दस्त होने लगे। घर वालों ने गर्मी की वजह से तबियत खराब होने की आशंका में स्वयं ही उसका प्राथमिक उपचार किया। लेकिन कोई सुधार न होने और स्थिति ज्यादा खराब होती देख परिवारीजनों ने इसकी सूचना 108 नंबर एंबुलेंस सेवा को दी। इस पर कहा गया कि कुछ देर में गाड़ी पहुंच रही है। विलंब होने पर परिवारीजनों ने फिर संपर्क किया तो बताया गया कि लगभग दो घंटे का समय लग सकता है। इस पर परिवार के लोग निजी वाहन का प्रबंध कर पीड़ित बालिका को भीटी सीएची ले जाने लगे। उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उनका कहना है कि समय से एंबुलेंस आई होती तो बालिका की जान बच जाती। डायरिया से उसकी बहन नंदिनी (9) व भाई अनुराग (4) भी पीड़ित हैं। परिवारीजनों ने इसकी जानकारी भीटी सीएचसी में दी। इसके बावजूद चिकित्सालय की टीम गांव का दौरा करने की जरूरत नहीं समझी। वहीं केंद्र प्रभारी हनुमान प्रसाद ने बताया कि ऐसी किसी घटना की जानकारी उन्हें नही है। यदि ऐसी कोई सूचना मिली तो स्वास्थ्य टीम को गांव भेजा जाएगा। सीएमओ मेजर डॉ. बीपी सिंह ने कहा कि डायरिया के प्रकोप की कोई सूचना कहीं से नहीं है।
विज्ञापन
समंथा गांव निवासी शालिकराम के अनुसार उसकी पुत्री वंदना (6) शुक्रवार को विद्यालय पढ़ने गई थी। अपराह्न करीब तीन बजे विद्यालय से लौटी। अचानक उसे उल्टी-दस्त होने लगे। घर वालों ने गर्मी की वजह से तबियत खराब होने की आशंका में स्वयं ही उसका प्राथमिक उपचार किया। लेकिन कोई सुधार न होने और स्थिति ज्यादा खराब होती देख परिवारीजनों ने इसकी सूचना 108 नंबर एंबुलेंस सेवा को दी। इस पर कहा गया कि कुछ देर में गाड़ी पहुंच रही है। विलंब होने पर परिवारीजनों ने फिर संपर्क किया तो बताया गया कि लगभग दो घंटे का समय लग सकता है। इस पर परिवार के लोग निजी वाहन का प्रबंध कर पीड़ित बालिका को भीटी सीएची ले जाने लगे। उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उनका कहना है कि समय से एंबुलेंस आई होती तो बालिका की जान बच जाती। डायरिया से उसकी बहन नंदिनी (9) व भाई अनुराग (4) भी पीड़ित हैं। परिवारीजनों ने इसकी जानकारी भीटी सीएचसी में दी। इसके बावजूद चिकित्सालय की टीम गांव का दौरा करने की जरूरत नहीं समझी। वहीं केंद्र प्रभारी हनुमान प्रसाद ने बताया कि ऐसी किसी घटना की जानकारी उन्हें नही है। यदि ऐसी कोई सूचना मिली तो स्वास्थ्य टीम को गांव भेजा जाएगा। सीएमओ मेजर डॉ. बीपी सिंह ने कहा कि डायरिया के प्रकोप की कोई सूचना कहीं से नहीं है।
विज्ञापन