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डायरिया से दो बच्चों की मौत, 45 से अधिक बीमार
Allahabad
Updated Wed, 23 Jul 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। बारिश के साथ ही यमुनापार में डायरिया ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। मांडा के पांडे का पुरवा गांव में डायरिया फैल जाने से दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि बीमारी की गिरफ्त में आए 45 से अधिक बीमार ग्रामीणों को पीएचसी लालगंज और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बीमारों में ज्यादातर बच्चे हैं जिनकी उम्र दस साल से कम है। अस्पताल में भर्ती बच्चों की हालत गंभीर बतायी जा रही है। देर रात सीएमओ भी गांव पहुंचे और जांच कराई।
डॉक्टरों के मुताबिक दीपक (10 वर्ष) पुत्र कमलेश और आेंकार (छह वर्ष) पुत्र भाई लाल की डायरिया के चलते तबियत अचानक खराब हो गई। दोनों बच्चों को जबरदस्त उल्टी दस्त होने लगी। बदहवास परिजन दोनों बच्चों को अस्पताल ले गए जहां इलाज के दौरान दोनों बच्चों की मौत हो गई। इससे पहले की स्वास्थ्य विभाग की टीम कुछ कर पाती बीमारी ने पूरे गांव में पांव पसार लिया और एक-एक करके प्रांशु, पुंडरीक, शिवाकांत, राजा बाबू, पुष्पेंद्र, आशा, ओमप्रकाश, सुनीता, अनिल, अरुण, प्रताप, राम विश्वकर्मा समेत दो दर्जन से अधिक बच्चाें को गिरफ्त में ले लिया है। बीमारी का कहर ज्योति, रीता, ऊषा देवी, अंजली दूबे जैसी महिलाओं एवं 65 साल के बुजुर्ग चंदूल पर भी टूटा है। ग्रामीणों की मानें तो पूरे गांव में बच्चों को मिलाकर 45 लोेग बीमार है। सभी बीमार लोगों को सीएचसी लालगंज के अलावा निजी अस्पतालाें में भर्ती कराया गया है, जहां कई बच्चों की हालत गंभीर बतायी जा रही है।
डायरिया ने जब पूरे गांव में पांव पसार लिया है तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी हरकत में आए हैं। ग्रामीणों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की टीम मंगलवार की शाम गांव पहुंची और टीकाकरण करने के साथ ही कुंए में क्लोरीन डाली।
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डॉक्टरों के मुताबिक दीपक (10 वर्ष) पुत्र कमलेश और आेंकार (छह वर्ष) पुत्र भाई लाल की डायरिया के चलते तबियत अचानक खराब हो गई। दोनों बच्चों को जबरदस्त उल्टी दस्त होने लगी। बदहवास परिजन दोनों बच्चों को अस्पताल ले गए जहां इलाज के दौरान दोनों बच्चों की मौत हो गई। इससे पहले की स्वास्थ्य विभाग की टीम कुछ कर पाती बीमारी ने पूरे गांव में पांव पसार लिया और एक-एक करके प्रांशु, पुंडरीक, शिवाकांत, राजा बाबू, पुष्पेंद्र, आशा, ओमप्रकाश, सुनीता, अनिल, अरुण, प्रताप, राम विश्वकर्मा समेत दो दर्जन से अधिक बच्चाें को गिरफ्त में ले लिया है। बीमारी का कहर ज्योति, रीता, ऊषा देवी, अंजली दूबे जैसी महिलाओं एवं 65 साल के बुजुर्ग चंदूल पर भी टूटा है। ग्रामीणों की मानें तो पूरे गांव में बच्चों को मिलाकर 45 लोेग बीमार है। सभी बीमार लोगों को सीएचसी लालगंज के अलावा निजी अस्पतालाें में भर्ती कराया गया है, जहां कई बच्चों की हालत गंभीर बतायी जा रही है।
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डायरिया ने जब पूरे गांव में पांव पसार लिया है तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी हरकत में आए हैं। ग्रामीणों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की टीम मंगलवार की शाम गांव पहुंची और टीकाकरण करने के साथ ही कुंए में क्लोरीन डाली।
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