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भारत में मरना कबूल पर नहीं लौटेंगे पाकिस्तान
नई दिल्ली/भरत पांडेय
Updated Sat, 06 Apr 2013 01:24 PM IST
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पाकिस्तान में आतंकवाद के खौफ में रहने वाले हिंदू अब वापस नहीं लौटना चाहते हैं, जबकि इलाहाबाद कुंभ के लिए पाकिस्तान से मिला पर्यटन वीजा आठ अप्रैल को खत्म हो रहा है।
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पाक हिंदुओं ने दिल्ली में शरण के लिए केंद्र सरकार से गुहार लगाई है। पाक हिंदुओं का कहना है कि भारत में मरना कबूल होगा, लेकिन वे पाकिस्तान लौटना पसंद नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि कब तक दुनिया चुप रहेगी और हम पाकिस्तान में जुल्म सहते रहेंगे।
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पाकिस्तान से आए चार सौ से अधिक हिंदुओं ने अंबेडकर कॉलोनी विजवासन और मजनूं का टीला में शरण ले रखी है। इनमें से एक कुपोषण से पीड़ित छह माह की अबोध बच्ची भी थी, जिसका निधन बुधवार को हो गया।
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वहां के हालात से परेशान होकर इन लोगों को पांच साल की मशक्कत के बाद इलाहाबाद कुंभ के लिए वीजा मिला था। भले ही ये इलाहाबाद नहीं गए, लेकिन राजधानी में मिली शरण को कुंभ से कम नहीं मान रहे हैं।
पाकिस्तानी हिंदू रूपचंद्र ने बताया कि वहां उन्हें काफिर कहा जाता है और त्यौहार मनाने पर भारी विरोध झेलना पड़ता है। जानकी और मोहिनी ने बताया कि कई हिंदू युवतियों का जबरन धर्म परिवर्तन करा दिया गया।
विश्व हिंदू परिषद के मीडिया प्रमुख विनोद बंसल और लव-कुश रामलीला महासंघ के महामंत्री सुखवीर सरन अग्रवाल ने सरकार से मांग की है कि इनको दिल्ली में शरण दी जाए।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से लगाई गुहार
पाक हिंदुओं ने दिल्ली में शरण की मांग को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और संयुक्त राष्ट संघ को चिठ्ठी भेजी है। इसमें इन लोगों ने पाक के जेहादियों से सुरक्षा की भी गुहार लगाई है।