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एनडीए से अलग होने के बाद जदयू के तीन फैसले
पटना/इंटरनेट डेस्क
Updated Sun, 16 Jun 2013 04:59 PM IST
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मोदी पर रार को लेकर एनडीए से रविवार को नाता तोड़ने के बाद जनता दल (यूनाइटेड) ने तीन महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।
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मुख्यमंत्री आवास पर हुए संवाददाता सम्मेलन में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन चार फैसलों की घोषणा की।
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1-एनडीए संयोजक पद से इस्तीफा
आज औपचारिक तौर पर भाजपा और जदयू के रास्ते अलग-अलग होने पर शरद यादव ने एनडीए के संयोजक के पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले जदयू की ओर से जॉर्ज फर्नांडिस भी एनडीए के संयोजक रह चुके हैं।
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2- भाजपा मंत्रियों को बर्खास्त करने की सिफारिश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दोपहर 11:30 बजे कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। इसमें भाजपा का कोई भी मंत्री शामिल नहीं हुआ। भाजपा से रिश्ते खत्म करने की प्रक्रिया में नीतीश कुमार ने दोपहर में राज्यपाल से भाजपा के सभी मंत्रियों को बर्खास्त करने की सिफारिश की।
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3-दोबारा साबित करेंगे बहुमत
भाजपा के अलग होने के बाद नीतीश कुमार ने जदयू सरकार के समर्थन में सभी विधायकों की सूची राज्यपाल को सौंपी। जदयू अब 19 जून को विधानसभा के विशेष सत्र में बहुमत साबित करेगी।
गौरतलब है कि जदयू के पास 118 विधायक हैं और उनको बहुमत हासिल करने के लिए 122 का जादुई आंकड़ा छूना होगा। जबकि भाजपा के पास 91 विधायक हैं।