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हमले पर एंटनी के लचर बयान की विपक्ष ने उड़ाई धज्जियां

Tue, 06 Aug 2013 09:05 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 06 Aug 2013 09:05 PM IST
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opposition criticizes anthony statement on pak attack

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तानी सैनिकों के हमले की घटना पर रक्षामंत्री एके एंटनी के लचर बयान की विपक्षी पार्टियों ने राज्यसभा में जमकर धज्जियां उड़ाई। विपक्षी दलों ने कहा कि रक्षामंत्री के बयान से ही पाकिस्तान को बचने का रास्ता मिल गया है।

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विपक्षी दलों ने पाकिस्तान और चीन की नापाक हरकतों के लिए केंद्र में कमजोर नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि सभी दलों ने एकजुट होकर यह भी कहा कि सरकार इस हमले का जो भी जवाब देगी राजनीतिक दल इसमें पूरा साथ देंगे।
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सदन में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि जब रक्षा मंत्री यह बयान दे रहे हैं कि पाकिस्तानी सेना की वर्दी में हमलावर आए थे तो इससे पड़ोसी देश को क्लीन चिट देने के साथ झूठ को दोहराने का मौका दिया गया है।
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पिछले दो दशकों में कारगिल, 26/11 जैसे तमाम हमलों में अपनी भूमिका को पाकिस्तान ने नकारा है। दूसरी ओर पाकिस्तान और चीन से घुसपैठ का मामला बढ़ता जा रहा है। जेटली ने कहा इसलिए पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देने वाली विदेश नीति तैयार होनी चाहिए।

सपा के राम गोपाल यादव ने भी कहा कि रक्षा मंत्री ने पाक को बच निकलने का रास्ता दे दिया है। केंद्र को यह कैसे पता चला कि हमलावर आतंकवादी थे।

उन्होंने एंटनी से सवाल करते हुए कहा कि आखिर इतना डर क्यों है कि आप अपनी बात सही से कह भी नहीं सकते हैं। उन्होंने पूछा कि क्या इस संदर्भ में वे पाकिस्तान से बात करेंगे।

दूसरी ओर उन्होंने भारतीय सीमा पर चीन के बढ़ते दखल को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि आखिर पड़ोसी देश से इस बारे में सख्ती से बात क्यों नहीं की जाती है।

वामपंथी नेता सीताराम येचुरी ने रक्षामंत्री के बयान को गैर जिम्मेदाराना करार देते हुए कहा कि पाकिस्तानी वर्दी में आने वाले हमलावर सेना के थे या फिर बाहर से आए थे, इसकी जांच क्या सरकार ने की है। अगर रक्षामंत्री का बयान किसी ठोस आधार पर है तो यह उजागर होना चाहिए।


बसपा प्रमुख मायावती ने पाकिस्तान और चीन को लेकर विदेश नीति की समीक्षा करने की सलाह देते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो केंद्र के नरम रवैये का नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह भी जानना चाहिए कि पड़ोसी देश भारत के बारे में क्या सोच रखते हैं।

जदयू के शिवानंद तिवारी ने कहा कि पाकिस्तान, चीन और श्रीलंका क्या अब तो मालदीव के सामने भी स्थिति ठीक नहीं है। इस पर सरकार को गौर करना चाहिए।

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