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तेलंगाना बनाने के कांग्रेस के फैसले पर मोदी का तीखा वार

Tue, 30 Jul 2013 10:24 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 30 Jul 2013 10:24 PM IST
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modi comment on congress on the issue of telengana

तेलंगाना राज्य बनाने के निर्णय के बाद कांग्रेस पर नरेंद्र मोदी ने तीखा वार करते हुए ट्वीट किया है कि उसे पिछले कुछ दिनों के अंदर ऐसा फैसला लेना पड़ा जिससे वह पिछले 9 सालों से बचती रही है।

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मोदी ने लिखा कि कांग्रेस और यूपीए को आंध्र प्रदेश की जनता के कई सवालों का जवाब देना होगा?

उन्होंने लिखा कि आंध्र प्रदेश के लोगों का सामना करने के बजाय कांग्रेस कमिटी और रिपोर्टों में अपना मुंह छिपाती रही। क्या इसके लिए कांग्रेस आंध्र प्रदेश के लोगों से माफी मांगेंगी?
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पढ़ें:- तेलंगाना गठन को मंजूरी, हैदराबाद होगी संयुक्त राजधानी
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मोदी ने तेलंगाना राज्य के लिए संघर्ष और जीवन बलिदान करने वालों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए लिखा कि यह जनता की ताकत की जीत है।

उन्होंने लिखा कि तेलंगाना के मुद्दे पर कांग्रेस ने कभी पारदर्शी या एक रवैया नहीं अपनाया और आखिरकार जनता की ताकत के आगे उसे झुकना पड़ा।

पढ़ें:- तेलंगाना राज्यः अब तक का सफरनामा

'मानसून सत्र में तेलंगाना पर विधेयक लाए सरकार'
अलग तेलंगाना राज्य के लिए कांग्रेस की हरी झंडी मिलने को देखते भाजपा ने यूपीए सरकार से इस मसले पर संसद के मानसून सत्र में विधेयक लाने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि यदि सरकार ऐसा करती है तो भाजपा विधेयक का समर्थन करेगी।

वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज से फोन पर बात कर तेलंगाना पर उनकी पार्टी से सहयोग मांगा है।

हालांकि, भाजपा पहले ही तेलंगाना के गठन के लिए प्रस्तावित विधेयक का समर्थन देने का ऐलान कर चुकी है।
भाजपा ने यह भी कहा है कि हैदराबाद को तेलंगाना की राजधानी बनाया जाना चाहिए।

पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडे़कर ने कहा कि सरकार यदि तेलंगाना का गठन कर रही है तो पूरा काम करना चाहिए। हैदराबाद तेलंगाना को मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अब इस फैसले पर अमल भी करना चाहिए। कांग्रेस ने नौ दिसंबर 2009 को भी तेलंगाना के गठन का वादा किया था, लेकिन बाद में उससे मुकर गई। पिछले 56 साल से कांग्रेस तेलंगाना के लोगों के साथ अन्याय करती रही है।

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