फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   legal options available before sanjay dutt in 1993 mumbai blasts case

संजय दत्त के सामने हैं अब ये 3 उपाय

Fri, 22 Mar 2013 02:45 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 22 Mar 2013 02:45 PM IST
विज्ञापन
legal options available before sanjay dutt in 1993 mumbai blasts case

सुप्रीम कोर्ट द्वारा आर्म्स एक्ट के तहत सजा सुनाए जाने के बाद बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त के पास जेल जाना लगभग तय हैं। हालांकि अब भी कुछ कानूनी विकल्प ऐसे हैं, जिनका इस्तेमाल यदि वे करते हैं, तो संभवतः वे सजा से बच जाएं।

विज्ञापन


गौरतलब है कि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने बॉलीवुड के इस सितारे को 1993 के मुंबई विस्फोटों के षड्यंत्रकारियों से हथियार हासिल करने और अवैध ढंग से अपने पास रखने के जुर्म में पांच साल कैद की सजा सुनाई।
विज्ञापन


इस मामले में 53 वर्षीय दत्त 18 महीने जेल में काट चुके हैं। ऐसे में उन्हें अब करीब साढ़े तीन साल (42 महीने) जेल में बिताने होंगे। लंबे समय से संजय जमानत पर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने संजय दत्त को समर्पण के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। ऐसे में जेल जाने से बचने के लिए क्या हैं संजय दत्त के सामने विकल्प-

विकल्प 1: पुनर्विचार याचिका

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद संजय दत्त के पास पहला विकल्प पुनर्विचार याचिका या रिव्यू पेटिशन का है। हालांकि संजय को ये अपील चार सप्ताह के भीतर करनी होगी।

रिव्यू पेटिशन के नियमों के मुताबिक, याचिका को फैसले की तारीख के 30 दिनों के भीतर दायर करना होता है। याचिका पर पुनर्विचार भी वही जज करते हैं, जिन्होंने फैसला सुनाया होता है।

विकल्प 2: क्यूरेटिव पेटिशन

संजय दत्त के सामने दूसरा विकल्प क्यूरेटिव पेटिशन का है। सुप्रीम कोर्ट में यदि उनकी रिव्यू पेटिशन रद्द कर दी जाती है, तब वे क्यूरेटिव पेटिशन दाखिल कर सकते हैं।

इस पेटिशन के तहत संजय दत्त के वकील को अदालत के सामने एक ऐसा पक्ष या तर्क पेश करना होगा, जो मुकदमे में अब तक पेश नहीं किया गया है।

विकल्प 3: राज्यपाल से माफी

राज्यपाल से माफी की अपील संजय दत्त के सामने अंतिम विकल्प है। हालांकि राज्यपाल भी राज्य सरकार के सिफारिश के बाद ही संजय दत्त की अपील पर विचार कर सकते हैं।


गौरतलब है कि भारतीय प्रेस परिषद के चेयरमैन जस्टिस मारकंडेय काटजू ने भी संजय दत्त की माफी के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल के. शंकरनारायणन को पत्र लिखा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed