पीएम मोदी की फटकार, बेतुके बयान नहीं होंगे बर्दाश्त
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अपनी ही सरकार की एक मंत्री के अमर्यादित बोलों के चलते मोदी सरकार की चौतरफा किरकिरी हो रही है। खाद्य एवं प्रसंस्करण राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के अमर्यादित बोल ने संसद के दोनों सदनों में कोहराम मचा दिया।
वहीं इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने संसदीय दल की बैठक में इस बयान पर गहरी नाराजगी जताई। प्रधानमंत्री ने पार्टी के बड़बोले नेताओं को जमकर फटकार लगाई।
संसदीय दल की बैठक में साध्वी प्रकरण का जिक्र किए बिना मोदी ने बेवजह बयान देकर सरकार की किरकिरी न कराने की हिदायत दी। उन्होंने ऐसे बयानों को तकलीफदेह बताया। साथ ही कहा कि अब मीडिया के समक्ष पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता ही बयान दें।
दरअसल खाद्य एवं प्रसंस्करण राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति सोमवार को दिल्ली की एक जनसभा में लोगों को‘रामजादे-हरामजादे’ में से एक को चुनने का अभद्र बयान दिया था। इस दौरान उन्होंने कहा था, ‘दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को तय करना है कि वह रामजादों की सरकार बनाएगी या हरामजादों की।’
साध्वी के बयान से सरकार की किरकिरी
साध्वी ने अपने इस बयान से विपक्ष को बैठे बिठाए सरकार की किरकिरी कराने का एक बड़ा मुद्दा दे दिया। इस मुद्दे पर चौतरफा घिरी सरकार ने जहां संसद के दोनों सदनों में अपने ही मंत्री के बयान को अमर्यादित बताते हुए खारिज किया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी की संसदीय दल की बैठक में इस बयान पर गहरी नाराजगी जताई।
लोकसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही एकजुट विपक्ष ने साध्वी के आपत्तिजनक बयान का मामला उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस संबंध में कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग करते हुए कहा कि मंत्री का बयान बेहद आपत्तिजनक है।
स्पीकर द्वारा कार्यस्थगन प्रस्ताव ठुकराए जाने से नाराज कांग्रेस, राजद, जदयू, सपा और वामदलों के सदस्य वेल में प्रवेश कर नारेबाजी करने लगे। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने साध्वी के बयान को आपत्तिजनक करार देते हुए उनके खेद जताने की सूचना दी।
इसके बाद साध्वी ने अपने बयान के लिए खेद जताते हुए कहा, ‘मेरा इरादा किसी को दुख पहुंचाने का नहीं था। न था और न है। जो बात मेरे मुंह से निकली है, उसके लिए मैं खेद व्यक्त करती हूं।’
साध्वी के खेद जताने के बाद लोकसभा में विपक्ष शांत हो गया। मगर राज्यसभा में भी साध्वी के आपत्तिजनक बयान पर जम कर हंगामा हुआ। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 4 बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। साध्वी ने लोकसभा की तरह इस सदन में भी खेद जताया।
हालांकि इसके बाद विपक्ष उनके इस्तीफे और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर अड़ गया। तब मंत्री ने सदन में इस बयान के लिए माफी मांगी। पर विपक्षी बेंच ने माफी को ही इस गंभीर मामले में काफी मनाने से इनकार किया। इस दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली और माकपा सांसद सीताराम येचुरी के बीच तीखी नोंकझोंक हुई।