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सीबीआई के सच से PMO, कानून मंत्री के झूठ बेनकाब
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 06 May 2013 06:25 PM IST
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कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच कर रही सीबीआई के नए हलफनामे से सरकार और मुश्किल में फंस गई है।
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कोयला घोटाले की स्टेटस रिपोर्ट पर सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दूसरा हलफनामा देकर ड्राफ्ट रिपोर्ट में बदलाव करने की बात मानी है।
सीबीआई ने ग्यारह पेज के हलफनामे में कबूला है कि इस रिपोर्ट में बदलाव के सुझाव पीएमओ और कानून मंत्रालय ने दिए थे जिसके आधार पर स्टेटस रिपोर्ट में बदलाव किए गए थे।
सीबीआई ने कहा है कि एडिशनल सॉलिसिटर जनरल और अटॉर्नी जनरल ने रिपोर्ट में बदलाव के सुझाव दिए।
कानून मंत्री और कोयला मंत्रालय के अधिकारियों ने भी इसे देखा था और स्टेटस रिपोर्ट बदलवाई थी।
इस हलफनामे में सीबीआई ने यह भी बताया है कि किसने क्या सुझाव दिए और स्टेटस रिपोर्ट में क्या बदलाव किए गए।
हलफनामे में एडिशनल सालिसिटर जनरल का बयान भी गलत साबित हुआ है। इससे स्पष्ट होता है कि अटार्नी जनरल और एडिशनल सालिसिटर जनरल ने कोर्ट की अवमानना की।
सीबीआई ने यह खुलासा किया है, 6 मार्च को बैठक हुई थी और 7 मार्च को रिपोर्ट में बदलाव किए गए थे। सीबीआई ने स्वीकार किया है कि कुछ बदलाव उनके अफसरों ने भी किए हैं इसलिए फिलहाल कुछ भी स्पष्ट नहीं है कि किसने क्या बदलाव करवाए और किसी के नाम हटवाए गए या नहीं।
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