{"_id":"eb198fb0-b88c-11e2-811c-d4ae52bc57c2","slug":"attack-on-gilani-son","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व पाक पीएम गिलानी के बेटे का अपहरण ","category":{"title":"Pakistan","title_hn":"पाकिस्तान","slug":"pakistan"}}
पूर्व पाक पीएम गिलानी के बेटे का अपहरण
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 09 May 2013 04:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के बेटे का कुछ अज्ञात बंदूक़धारियों ने एक चुनावी रैली से अपहरण कर लिया है।
विज्ञापन
पूर्व प्रधानमंत्री ने बीबीसी से कहा है कि उनके बेटे को मुलतान से अग़वा किया गया। वो पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के उम्मीदवार हैं।
गिलानी के छोटे बेटे अली हैदर गिलानी पंजाब में प्रांतीय असेंबली का चुनाव लड़ रहे हैं।
यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने अपहरण का इलज़ाम अपने विरोधी दलों पर लगाया है। पाकिस्तान में शनिवार को मतदान किया जाएगा।
खबरों के अनुसार अली हैदर गिलानी के चुनावी काफिले पर फरख़ टाउन इलाके में फायरिंग हुई।
पुलिस का कहना है कि हमलावर मोटरसाइकल और गाडि़यों में सवार थे।
पीएमएल(एन) पर आरोप
गिलानी ने अपने बेटे के चुनावी काफिले हमले के लिए पीएमएल(एन) को जिम्मेदार बताया है।
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस बारे में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और सेना प्रमुख अश्फाक परवेज कियानी से बात की है।
हमले में अली हैदर गिलानी के सचिव के मारे जाने की भी खबर है जबकि पांच लोग घायल बताए जाते हैं।
चश्मदीदों का कहना है कि हमलावर होंड़ा कार और मोटरसाइकिलों पर सवार थे।
एक व्यक्ति ने पाकिस्तान के टीवी चैनेल जियो को बताया कि उनमें से कुछ लोगों ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
उस शख्स का कहना था कि गिलानी के सामने एक आदमी को गोली लगी और वो गिर पडे़। उसके बाद हमलावरों ने गिलानी को पकड़ कार में घसीटा और वहां से भाग गए।
अयोग्य
सुप्रीम कोर्ट की तरफ से अयोग्य करार दिए जाने के कारण यूसुफ रजा गिलानी चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। लेकिन उनके तीनों बेटे अब्दुल कदीर गिलानी, अली मूसा गिलानी और अली हैदर गिलानी चुनावी मैदान में किस्तम आजमा रहे हैं।
विज्ञापन
पाकिस्तान में शनिवार को आम चुनाव और प्रांतीय असेंबली चुनावों के लिए वोट डाले जाने हैं और गुरुवार को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है।
पाकिस्तान में चुनावों की घोषणा के बाद से ही हिंसक हमले बढ़ गए हैं जिसमें कम से कम 110 लोग मारे गए हैं।