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प्यार की ये कहानी सुनो..एक लड़का था, लड़की थी
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 21 May 2013 03:40 PM IST
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कहते हैं कि सच्चा प्यार कभी मरता नहीं भले ही प्यार करने वाले मर जाएं। एक ऐसा ही प्रेमी जोड़ा, जो अब इस दुनिया में तो नहीं है लेकिन आज भी लोग उनकी मुहब्बत कें कसीदे पढ़ते हैं।
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दोनों की कब्र प्यार करने वालों के लिए एक मिसाल है जो एक-दूसरे से जुदा होकर भी एक हैं। गोरकम जहां ईसाई धर्म के प्रोटेसेंट संप्रदाय को मानने वाले थे वहीं उनकी बीवी एफ्रेडेन कैथोलिक संप्रदाय की थीं।
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मौत के बाद दोनों को एक साथ दफनाने की इजाजत नहीं मिली। पति को जहां कब्रिस्तान के प्रोटेस्टेंट संप्रदाय के लिए आरक्षित जगह पर दफनाया गया वहीं बीवी को कैथोलिक संप्रदाय वाली जगह पर।
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दोनों ने धर्म और जाति के बंधन को न मानते हुए साल 1842 में शादी की थी।