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बीवी चाहिए तो पहले दो अग्निपरीक्षा

Wed, 26 Jun 2013 08:06 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 26 Jun 2013 08:06 AM IST
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sharo tradition

हिंदू धर्म में सीता की अग्निपरीक्षा का जिक्र है लेकिन अफ्रीका के एक आदिवासी समूह में औरतों को नहीं बल्कि पुरुषों को अग्निपरीक्षा देनी पड़ती है।

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अफ्रीका की शारो जनजाति में एक बहुत ही विचित्र सी परंपरा है। माली, नाइजीरिया के कुछ आदिवासी समुदायों में लड़कों को दर्दनाक तरीके से पीटने की परंपरा है।
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दरअसल शारो प्रजाति में जब कोई लड़का शादी के योग्य हो जाता है तो उसे सार्वजनिक रूप से अपनी ये इच्छा बड़े बुजुर्गों को बतानी पड़ती है। उसके बाद समुदाय के लोग उसे सार्वजनिक रूप से पीटते हैं। इस दौरान शर्त है कि लड़के के चेहरे और हाव भाव से दर्द का अहसास जाहिर तक न हो।
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अगर वो इस चुनौती को पूरा करने में सफल हो जाता है तब तो समुदाय वाले उसकी शादी करा देते हैं लेकिन ऐसा नहीं होने पर उसे शादी के लिए अयोग्य मान लिया जाता है।

हालांकि किसी परंपरा को दोषपूर्ण कहना गलत है लेकिन इस परंपरा का पालन करने में कई लोगों की जान तक चली जाती है।

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