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ऐसा नॉनवेज बना देगा कैंसर का शिकार
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 17 Jun 2013 12:28 PM IST
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अगर आप मांसाहार के इतने शौकीन हैं कि नए-नए प्रयोग करने से जरा भी नहीं हिचकिचाते तो सावधान हो जाएं। गोवा के वन विभाग की सलाह है कि मेंढकों का मांस न खाएं क्योंकि इससे कैंसर हो सकता है।
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वन विभाग के आधिकारिक सूत्रों का मानना है कि गोवा में मेंढक का मीट मांसाहार के शौकीनों के बीच काफी पसंद किया जाता है पर इनके सेवन से कैंसर, किडनी खराब होने या लकवा तक का खतरा बढ़ सकता है।
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उनका कहना है कि मेंढक खेतों में रहते हैं जिसके कारण विशेष प्रकार के एग्रो-केमिकल्स (खेतों में इस्तेमाल होने वाले रसायन) भी उनमें मौजूद रहते हैं जो कार्सिनोजेनिक तत्व हैं। इनके सेवन से कैंसर का रिस्क बहुत अधिक हो जाता है।
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गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों में गोवा के रेस्तरां में भारतीय बुलफ्रॉग और जेर्डन्स बुलफ्रॉग किस्मों के मेंढकों का मांस 'जंपिंग चिकन' के रूप में बहुत प्रचलित है जो करीब 200- 250 रुपए प्रति मेंढक के रूप से बिकता है।
इसी वजह से इन इलाकों में इस किस्म के मेंढकों की संख्या लगातार घटती जा रही है। गोवा की बायोटिक सोसाइटी के प्रवक्ता माइकल बर्गेंजा का मानना है कि इसके मीट से होने वाले नुकसानों के बारे में जानने के बाद शायद लोग इसे लेकर जागरूक हों और इसे खाने से परहेज करें। यह उनके स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर है और खत्म होती मेंढकों की प्रजाति के लिए भी।
अब अगर आप भी किसी रेस्तरां में मांसाहारी व्यंजनों में कोई नया प्रयोग कर रहे हैं तो मेंढक का मीट ऑर्डर करने से पहले जरूर सोचें।