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कृषक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ उठाएं : डीएम
Kasganj
Updated Tue, 30 Jul 2013 05:33 AM IST
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कासगंज। जिलाधिकारी मासूम अली सरवर ने कहा कि कृषक दुर्घटना बीमा योजना किसानों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। किसान की दुर्घटना से मृत्यु होने या पूर्ण शारीरिक अक्षमता पर पांच लाख रुपये देय हैं। दुर्घटना में दोनों हाथ या पैर अथवा दोनों आंखें या एक हाथ तथा एक पैर की क्षति पर भी पांच लाख रुपये देने की योजना है। इसमें सिर्फ राजस्व अभिलेख खतौनी में दर्ज खातेदार या सह खातेदार पात्र होंगे।
जिलाधिकारी सरवर ने बताया कि दुर्घटना में एक हाथ या एक पैर या एक आंख की क्षति अथवा किसी अस्थायी अपंगता के 50 प्रतिशत से अधिक होने पर ढाई लाख रुपये तथा किसी स्थायी अपंगता के 25 प्रतिशत से अधिक होने पर एक लाख 25 हजार रुपये देने का प्रावधान है। बीमा धारक की मृत्यु यदि आत्महत्या या गंभीर आपराधिक कार्य करते समय होती है, तो उसे बीमा योजना का लाभ नहीं मिलेगा। बीमित कृषक की आयु न्यूनतम 12 वर्ष तथा अधिकतम 70 वर्ष निर्धारित है। बीमा धारक की मृत्यु आग, बाढ़, बिजली गिरने, करंट लगने, सांप के डसने या अन्य वन्य जीव-जंतु द्वारा काटने, मारने, नदी, तालाब, पोखर या कुएं में डूबने, मकान गिरने, वाहन दुर्घटना, डकैती, दंगा, मारपीट या अप्राकृतिक कारणों से दुर्घटना होने पर बीमे का लाभ अनुमन्य होगा।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना होने पर अधिकतम चार माह की अवधि में दावा प्रपत्र संलग्नकों सहित एसडीएम या डीएम कार्यालय में अवश्य उपलब्ध कराने होंगे। दावा प्रपत्र के साथ खतौनी की नकल, मृत्यु की दशा में खतौनी में दर्ज विरासत की नकल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, शारीरिक अक्षमता की दशा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक का प्रमाण पत्र, खातेदार कृषक या उसके वारिस का बैंक खाता नंबर आदि संलग्न करने पर ही बीमे का लाभ अनुमन्य होगा।
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जिलाधिकारी सरवर ने बताया कि दुर्घटना में एक हाथ या एक पैर या एक आंख की क्षति अथवा किसी अस्थायी अपंगता के 50 प्रतिशत से अधिक होने पर ढाई लाख रुपये तथा किसी स्थायी अपंगता के 25 प्रतिशत से अधिक होने पर एक लाख 25 हजार रुपये देने का प्रावधान है। बीमा धारक की मृत्यु यदि आत्महत्या या गंभीर आपराधिक कार्य करते समय होती है, तो उसे बीमा योजना का लाभ नहीं मिलेगा। बीमित कृषक की आयु न्यूनतम 12 वर्ष तथा अधिकतम 70 वर्ष निर्धारित है। बीमा धारक की मृत्यु आग, बाढ़, बिजली गिरने, करंट लगने, सांप के डसने या अन्य वन्य जीव-जंतु द्वारा काटने, मारने, नदी, तालाब, पोखर या कुएं में डूबने, मकान गिरने, वाहन दुर्घटना, डकैती, दंगा, मारपीट या अप्राकृतिक कारणों से दुर्घटना होने पर बीमे का लाभ अनुमन्य होगा।
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उन्होंने बताया कि दुर्घटना होने पर अधिकतम चार माह की अवधि में दावा प्रपत्र संलग्नकों सहित एसडीएम या डीएम कार्यालय में अवश्य उपलब्ध कराने होंगे। दावा प्रपत्र के साथ खतौनी की नकल, मृत्यु की दशा में खतौनी में दर्ज विरासत की नकल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, शारीरिक अक्षमता की दशा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक का प्रमाण पत्र, खातेदार कृषक या उसके वारिस का बैंक खाता नंबर आदि संलग्न करने पर ही बीमे का लाभ अनुमन्य होगा।
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