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महिलाओं ने कहा, 'अभी नहीं तो फिर कभी नहीं'
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 07 Feb 2014 04:55 PM IST
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सत्रह सालों से लटके महिला आरक्षण विधेयक को इसी सत्र में पास करने की मांग करते हुए महिला संगठनों ने आवाज बुलंद कर दी है।
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वर्ष 2010 में राज्यसभा में पास हो चुके बिल के इस बार भी पारित नहीं होने पर महिलाओं ने आगामी चुनाव में सभी पार्टियों के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी।
महिला प्रेस क्लब में सेंटर फॉर सोशल रिसर्च की निदेशक रंजना कुमारी ने कहा, ‘यदि इस बार भी विधेयक पास नहीं हुआ तो यह महिलाओं के साथ अन्याय होगा।’
उन्होंने सभी पार्टियों से महिलाओं को ताकत देने की मांग की ताकि वे अपनी सुरक्षा खुद कर सकें। वहीं प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष शोभा ओझा ने कहा कि राहुल गांधी ने भी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अपनी प्रतिबद्धता कई बार दिखाई है लेकिन विपक्षी पार्टियां सदन ही नहीं चलने देती हैं।
इस दौरान महिला कार्यकर्ता एनी राजा, शबनम हाशमी, जागमती सांगवान, रेखा मोडी आदि ने सरकार से विधेयक को सदन में पेश करने की मांग की। कार्यक्रम में कई संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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