फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   आर्ट गैलरी-ध्यान केंद्र बनवाने में जुटे स्वामी सुंदरानंद

आर्ट गैलरी-ध्यान केंद्र बनवाने में जुटे स्वामी सुंदरानंद

Tue, 17 Dec 2013 05:45 AM IST
Uttar Kashi
Uttar Kashi Updated Tue, 17 Dec 2013 05:45 AM IST
विज्ञापन
गंगोत्री(उत्तरकाशी)। चीनी आक्रमण के समय गाइड बनकर भारतीय सेना की मदद करने वाले स्वामी सुंदरानंद गंगोत्री में 45 फुट ऊंचे पिरामिड नुमा ध्यान केंद्र तथा आर्ट गैलरी का निर्माण करा रहे हैं। दुनिया की पवित्रतम नदियों में शुमार गंगा भागीरथी के तट पर बन रहे इस ध्यान केंद्र को वे सेना के संरक्षण में देने के इच्छुक हैं।
विज्ञापन

गंगोत्री हिमालय के हर दर्रे तथा ग्लेशियर एवं गाड-गदेरों से परिचित स्वामी सुंदरानंद वर्ष 1962 के चीनी आक्रमण में भारतीय सेना की बार्डर स्काउट के पथ प्रदर्शक रह चुके हैं। उन्होंने सेना को कालिंदी, पुलमसिंधु, थागला, नीलापाणी, झेलूखाका बार्डर एरिया में एक माह तक साथ रहकर रास्ता दिखाया था। मेजर के रूप में भारतीय सेना में सेवा देते समय जनरल वीके. सिंह के साथ वे गंगोत्री क्षेत्र के केदारडोम हिमशिखर पर आरोहण में भी साथ रहे। स्वामी सुंदरानंद वर्षों से गंगोत्री धाम में कुटिया बनाकर साधनारत हैं।
विज्ञापन

देश विदेश से कई शिष्य हिमालय को समझने तथा ध्यान योग के लिए उनके पास गंगोत्री आते हैं। योग के प्रति दुनिया में बढ़ते आकर्षण तथा हिमालय के आध्यात्मिक महत्व को देखकर स्वामी सुंदरानंद गंगोत्री में ध्यान केंद्र और आर्ट गैलरी का निर्माण करा रहे हैं। 45 फिट ऊंचे पिरामिडनुमा ध्यान केंद्र में जमीन से 16 फिट गहरी राफ्ट फाउंडेशन तथा ऊपर कुछ कॉलम तैयार हो गए हैं। बुनियाद में पांच शिवलिंग भी स्थापित किए गए हैं। वे अगले दो सालों में इसे तैयार करने की कोशिश में जुटे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां से मिल रही मदद
स्वामी सुंदरानंद फोटोग्राफर भी हैं। उन्होंने विभिन्न जगहों की खूबसूरत तस्वीरें खींची हैं। उन्होंने खुद की खींची फोटो की किताब भी निकाली है जो विदेशों में हजारों में बिकती है। इसके साथ उन्हें शिष्यों से जो दान मिलता है उसकी सहायता से इस केंद्र का निर्माण करा रहे हैं।

कोट.......
आर्ट गैलरी तथा ध्यान केंद्र उत्तराखंड की धरोहर होगी और इस सीमांत क्षेत्र में यह सेना के हाथों में ही सुरक्षित रहेगी। मैं इस संबंध में रक्षा मंत्रालय और सेना मुख्यालय से पत्र व्यवहार कर रहा हूं। - स्वामी सुंदरानंद, गंगोत्री।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed