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वैज्ञानिक विधि से करें गन्ने की खेती
Kushinagar
Updated Mon, 29 Oct 2012 12:00 PM IST
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रामकोला। यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से खेती कर अधिक पैदावार देने वाली प्रजाति के गन्ने की बुआई करें तो एक एकड़ खेत में डेढ़ लाख रुपये का गन्ना पैदा कर सकते हैं। इस पर प्रति एकड़ 25 हजार रुपये की लागत आएगी। यह जानकारी लक्ष्मीगंज परिक्षेत्र के चंदरपुर गांव में शरद कालीन किसान गोष्ठी में त्रिवेणी चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक पीएन सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि किसान अधिक पैदावार देने वाली गन्ना प्रजाति को-0238,0239 कोशा 8436,8432 आदि की बुआई वैज्ञानिक तरीके से करें। बुआई ट्रैंच विधि से करें। एक एकड़ खेत में खाद, बीज, दवाएं तथा पानी कुल मिलाकर लगभग 25 हजार रुपये खर्च आएगा। यदि किसान इस विधि से गन्ने की खेती करता है तो एक एकड़ खेत में लगभग 500 कुंटल गन्ना पैदा किया जा सकता है। यदि गन्ने का मूल्य 275 से 300 रुपये हुआ तो एक एकड़ खेत में डेढ़ लाख का गन्ना हो सकता है। गन्ना प्रशिक्षण केंद्र कूड़ाघाट गोरखपुर के सहायक निदेशक ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि कुशीनगर जिले के लिए गन्ने से अच्छी कोई फसल नहीं है। गन्ना बोते समय दो आंख की गेड़ी काटकर उसे बावस्टीन के घोल में 5 मिनट तक उपचारित करें। नाली में 100 किलोग्राम एनपीके प्रति एकड़ बुआई के दिन दें। खड़ी फसल को बारिश होने से पहले 100 किलोग्राम यूरिया दे और कम से कम तीन बार सिंचाई करें। इससे गन्ने की पैदावार में इजाफ ा होगा। उन्होंने बताया कि खेती के साथ पशुपालन को जोड़ने से किसान दोहरा लाभ कमा सकते हैं। रामकोला चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक नीरव श्रीवास्तव ने कहा कि चीनी मिल इसके लिए किसानों को आधे दाम पर धनियां बीज उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही चीनी मिल किसानों को कीटनाशक और खाद, बीज और ट्राइकोडर्मा आदि ऋण पर उपलब्ध करा रही है। प्रगतिशील किसान शिवनाथ यादव की अध्यक्षता में हुई गोष्ठी का संचालन गन्ना अधिकारी संजय चौबे ने किया। इस दौरान संचालक सदस्य सुरेंद्र यादव, पूर्व चेयरमैन परमहंस पांडेय, बृजराज कुशवाहा, बाबूराम राजभर व रमाशंकर कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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उन्होंने बताया कि किसान अधिक पैदावार देने वाली गन्ना प्रजाति को-0238,0239 कोशा 8436,8432 आदि की बुआई वैज्ञानिक तरीके से करें। बुआई ट्रैंच विधि से करें। एक एकड़ खेत में खाद, बीज, दवाएं तथा पानी कुल मिलाकर लगभग 25 हजार रुपये खर्च आएगा। यदि किसान इस विधि से गन्ने की खेती करता है तो एक एकड़ खेत में लगभग 500 कुंटल गन्ना पैदा किया जा सकता है। यदि गन्ने का मूल्य 275 से 300 रुपये हुआ तो एक एकड़ खेत में डेढ़ लाख का गन्ना हो सकता है। गन्ना प्रशिक्षण केंद्र कूड़ाघाट गोरखपुर के सहायक निदेशक ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि कुशीनगर जिले के लिए गन्ने से अच्छी कोई फसल नहीं है। गन्ना बोते समय दो आंख की गेड़ी काटकर उसे बावस्टीन के घोल में 5 मिनट तक उपचारित करें। नाली में 100 किलोग्राम एनपीके प्रति एकड़ बुआई के दिन दें। खड़ी फसल को बारिश होने से पहले 100 किलोग्राम यूरिया दे और कम से कम तीन बार सिंचाई करें। इससे गन्ने की पैदावार में इजाफ ा होगा। उन्होंने बताया कि खेती के साथ पशुपालन को जोड़ने से किसान दोहरा लाभ कमा सकते हैं। रामकोला चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक नीरव श्रीवास्तव ने कहा कि चीनी मिल इसके लिए किसानों को आधे दाम पर धनियां बीज उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही चीनी मिल किसानों को कीटनाशक और खाद, बीज और ट्राइकोडर्मा आदि ऋण पर उपलब्ध करा रही है। प्रगतिशील किसान शिवनाथ यादव की अध्यक्षता में हुई गोष्ठी का संचालन गन्ना अधिकारी संजय चौबे ने किया। इस दौरान संचालक सदस्य सुरेंद्र यादव, पूर्व चेयरमैन परमहंस पांडेय, बृजराज कुशवाहा, बाबूराम राजभर व रमाशंकर कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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