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‘मृत’ महिला प्रेमी के साथ आगरा में मिली
Etah
Updated Sun, 10 Aug 2014 05:30 AM IST
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एटा। जिस बेटी केमायके वालों ने ससुरालीजनों पर हत्या कर शव गायब करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, वो अपने प्रेमी के साथ आगरा में रह रही थी। यह मामला शनिवार को उस वक्त खुला, जब निधौलीकलां पुलिस ने शुक्रवार की रात महिला को उसके प्रेमी के संग आगरा से बरामद कर लिया। एसडीएम कोर्ट में पेश करने के दौरान उसने पति व प्रेमी के साथ जाने से इंकार कर दिया। बाद में उसे मां-बाप के हवाले कर दिया गया। प्रेमी पुलिस की हिरासत में है।
जिला फीरोजाबाद थाना एका के गांव नगल गजू निवासी विश्राम सिंह ने पुत्री सविता की शादी 24 फरवरी को थाना निधौलीकलां के गांव नगला बंदी निवासी अरविंद पुत्र राजपाल के साथ की थी। शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच बनती नहीं थी। गत 24 जून की रात 11 बजे वह घर से अपने प्रेमी केसरपाल उर्फ केपी, उसके साथी शिवकुमार निवासी नगला गजू, एका, फीरोजाबाद के साथ जेवरात, नकदी लेकर चली गई थी। अगले दिन घटना की रिपोर्ट अरविंद के भाई सुरेंद्र ने दर्ज कराई थी।
यह बात जब मायके वालों को भी मालूम पड़ी, तो उन्होंने ससुरालीजनों पर दहेज की मांग पूरी न होने पर पुत्री की हत्या कर शव गायब करने का आरोप लगा दिया। पिता विश्राम सिंह ने ससुराल के छह लोगों के विरुद्ध 28 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज करा दी। दोनों तरफ से रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस के लिए यह मामला पेचीदा हो गया था। शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिली कि सविता आगरा में अपने प्रेमी के साथ रह रही है। पुलिस आगरा जा पहुंची। किशनपाल और सविता को आगरा बस स्टैंड से पकड़ लिया। वो प्रेमी के साथ कहां रही? यह जानकारी देने से उसने इंकार कर दिया।
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मैनपुरी में भी हुआ था ऐसा मामला
मैनपुरी थाना कुरावली के गांव अकबरपुर झाला निवासी एक व्यक्ति की 22 वर्षीय बेटी की शादी बीते साल सात जुलाई को थाना बागवाला के गांव सत्तारपुर में हुई थी। शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच अनबन रहने लगी। गत 14 जनवरी को युवती ससुराल से किसी काम के बहाने चली गई। फिर घर नहीं लौटी। मायके वालों ने ससुरालीजनों पर दहेज की मांग पूरी न होने पर पुत्री की हत्या कर शव गायब करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने एक अगस्त को युवती को जिंदा बरामद कर लिया था।
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यह बोले अधिवक्ता
अधिवक्ता अजय उपाध्याय का कहना है कि अगर विवेचना के दौरान मामला झूठा पाया जाता है, तो संबंधित के विरुद्ध झूठी एफआईआर दर्ज कराने पर कार्रवाई होनी चाहिए। अधिवक्ता विनीत कुमार मिश्रा का कहना है कि ऐसे झूठे मामलों में पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे कि कोई बेगुनाह को जेल की हवा न खानी पड़े।
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जिला फीरोजाबाद थाना एका के गांव नगल गजू निवासी विश्राम सिंह ने पुत्री सविता की शादी 24 फरवरी को थाना निधौलीकलां के गांव नगला बंदी निवासी अरविंद पुत्र राजपाल के साथ की थी। शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच बनती नहीं थी। गत 24 जून की रात 11 बजे वह घर से अपने प्रेमी केसरपाल उर्फ केपी, उसके साथी शिवकुमार निवासी नगला गजू, एका, फीरोजाबाद के साथ जेवरात, नकदी लेकर चली गई थी। अगले दिन घटना की रिपोर्ट अरविंद के भाई सुरेंद्र ने दर्ज कराई थी।
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यह बात जब मायके वालों को भी मालूम पड़ी, तो उन्होंने ससुरालीजनों पर दहेज की मांग पूरी न होने पर पुत्री की हत्या कर शव गायब करने का आरोप लगा दिया। पिता विश्राम सिंह ने ससुराल के छह लोगों के विरुद्ध 28 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज करा दी। दोनों तरफ से रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस के लिए यह मामला पेचीदा हो गया था। शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिली कि सविता आगरा में अपने प्रेमी के साथ रह रही है। पुलिस आगरा जा पहुंची। किशनपाल और सविता को आगरा बस स्टैंड से पकड़ लिया। वो प्रेमी के साथ कहां रही? यह जानकारी देने से उसने इंकार कर दिया।
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मैनपुरी में भी हुआ था ऐसा मामला
मैनपुरी थाना कुरावली के गांव अकबरपुर झाला निवासी एक व्यक्ति की 22 वर्षीय बेटी की शादी बीते साल सात जुलाई को थाना बागवाला के गांव सत्तारपुर में हुई थी। शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच अनबन रहने लगी। गत 14 जनवरी को युवती ससुराल से किसी काम के बहाने चली गई। फिर घर नहीं लौटी। मायके वालों ने ससुरालीजनों पर दहेज की मांग पूरी न होने पर पुत्री की हत्या कर शव गायब करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने एक अगस्त को युवती को जिंदा बरामद कर लिया था।
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यह बोले अधिवक्ता
अधिवक्ता अजय उपाध्याय का कहना है कि अगर विवेचना के दौरान मामला झूठा पाया जाता है, तो संबंधित के विरुद्ध झूठी एफआईआर दर्ज कराने पर कार्रवाई होनी चाहिए। अधिवक्ता विनीत कुमार मिश्रा का कहना है कि ऐसे झूठे मामलों में पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे कि कोई बेगुनाह को जेल की हवा न खानी पड़े।