{"_id":"cf5c121827ddc14083469de6c292712b","slug":"mumbai-5-story-building-collasped-61-died","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुबंई इमारत हादसे में अब तक 61 की मौत","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
मुबंई इमारत हादसे में अब तक 61 की मौत
Updated Sun, 29 Sep 2013 10:02 AM IST
विज्ञापन
शुक्रवार की सुबह मुंबई के डॉकयार्ड रोड में चार मंजिला इमारत ढहने से मरने वालों की तादाद अब 61 हो गई है। इमारत के मलबे से शवो का निकलना जारी है।
विज्ञापन
स्थानीय पत्रकार अश्विन अघोर ने बताया कि जे जे अस्पताल के डीन तात्याराव लाहाणे के अनुसार इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 61 हो गई है। मुंबई महानगर पालिका के आपदा व्यवस्थापन विभाग के अनुसार इमारत के मलबे से अब तक 73 लोगों को निकाला गया है।
विज्ञापन
मृतकों में मुंबई के स्थानिय समाचार पत्र सकाळ के पत्रकार योगेश पवार और उनके परिवार के 6 अन्य सदस्य शामिल हैं।
इनमें से 18 लोग सही-सलामत हैं जबकि 31 जख़्मी लोगों को जे जे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
इस बीच शुक्रवार को देर रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने घटनास्थल का मुआयना किया। वहीं शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भी जे जे अस्पताल जाकर घायलों का जायज़ा लिया।
विज्ञापन
मुंबई महानगर पालिका ने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और राज्य सरकार ने एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। राज्य सरकार ने घायलों को भी 50 हज़ार रुपये का मुआवज़ा देने की घोषणा की है।
अघोर के मुताबिक दमकल विभाग, पुलिस विभाग और राष्ट्रीय आपदा राहत बल ने राहत बचाव कार्य जारी रखा है।
मामला दर्ज मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों की शिकायत के बाद शिवड़ी पुलिस ने मामामिया डेकोरेटर्स के मालिका अशोक मेहता को हिरासत में ले लिया है। अदालत ने मेहता को मंगलवार तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा है।
इस इमारत का ग्राउंड फ्लोर मेहता ने किराए पर लिया था जहां वह एक डेकोरेशन कंपनी चलाते थे।
मेहता पर आरोप है कि उन्होंने गैरकानूनी तरीके से उस जगह में कुछ तब्दीली की जिसके चलते इमारत के ढांचे को क्षति पहुंची।
मुंबई के महापौर सुनील प्रभु ने बताया, "इस इमारत के ढहने के कारणों का पता लगाने के लिए एक समिति गठित की गई है और दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।"
प्रभु के मुताबिक, इस इमारत में कुल 22 फ्लैट थे। इनमें करीब 250 लोग रहते थे।
उन्होंने बताया,''यह इमारत ख़स्ताहाल थी। यहां रहने वालों को इमारत ख़ाली करने की नोटिस दी गई थी। इमारत की मरम्मत जल्द ही शुरू होने वाली थी, इमारत के मलबे में 60-70 लोगों के फंसे होने की आशंका है।''
उन्होंने बताया कि 10 साल पहले इस इमारत की मरम्मत की गई थी। इमारत में मुंबई महानगर पलिका के मार्केटिंग विभाग के कर्मचारी रहते थे।
इस इलाक़े की नगर सेविका यामिनी जाधव ने बताया, ''इमारत करीब 60 साल पुरानी थी। इसकी मरम्मत के लिए महानगर पलिका प्रशासन के साथ लगातार बात हो रही थी। हम पिछले डेढ़ साल से इमारत के मरम्मत की मांग कर रहे थे। लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नही लिया। प्रशासकीय देरी की वजह से यह इमारत ढह गई।''