दिल्ली को बर्बाद करने वाली बुजुर्ग शीला यूपी का भला नहीं कर पाएंगीः मायावती
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बहुजन समाज पार्टी ने प्रचार अभियान का बिगुल फूंक दिया है। दलितों और मुसलमानों के अपने चिर परिचित गढ़ आगरा में पहली रैली को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो ने अपने भाषण में मोदी सरकार और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।
मायावती ने कहा, 'मोदी अपने किए वादों को भूल गए हैं। उनकी सरकार जिन किए वादों को भूल गई है, उनमें गरीबों को मकान देने, सस्ता राशन, किसानों की दोगुनी आय, फ्री बिजली-पानी शामिल है।'
मोदी सरकार के अच्छे दिनों के वादे पर तंज कसते हुए मायावती ने कहा, 'बीजेपी ने जो अच्छे दिन के सपने दिखाए थे, वो वादे अब बुरे दिनों में बदल गए हैं।'
मायावती ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस की नेता शीला दीक्षित पर हमला बोला और कहा कि कांग्रेस ने शीला को सीएम उम्मीदवार बनाया है जिन्होंने दिल्ली को बर्बाद कर दिया था।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ऊंची जातियों का ध्यान खींच रही है और उनपर डोरे डाल रही है। इतनी ही नहीं कांग्रेस ने गरीब सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण की मांग भी रखी है।
कांग्रेस पर जमकर बोला हमला
अभियान की पहली रैली करने हेलीकॉप्टर से आगरा पहुंची पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कहा, 'दो सालों में कोई विकास नहीं हो पाया है। किसानों को कोई सुविधा नहीं दी गई है, बल्कि उनकी जमीनों का अधिग्रहण ही किया गया है। साथ ही मोदी सरकार ने किसानों की दोगुनी आय का वायदा भी पूरा नहीं किया।'
पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए मायावती ने कहा कि मोदी सरकार से सिर्फ बड़े धन्नासेठों को फायदा मिल रहा है। केंद्र सरकार उनका कर्ज माफ कर देती है।'
लगातार बढ़ रही सांप्रदायिक घटनाओं पर मायावती ने कहा कि बीजेपी आरएसएस के एजेंडे पर चलकर सांप्रदायिक ताकतों को मजबूत कर रही है।
अखिलेश यादव को दी सलाह
मायावती ने यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लिए कहा, 'अखिलेश यादव को मुझे बुआ कहने का नैतिक अधिकार नहीं क्योंकि उनके पिता श्री मुलायम सिंह यादव ने 2 जून 1995 को मुझ पर जो हमला कराया था, उसे लोग भूले नहीं हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश को राखी बंधवाने का नैतिक हक नहीं है, क्योंकि वे महिलाओं की रक्षा नहीं कर पा रहे है।